संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। डिजिटल अरेस्ट के मामले में साइबर क्राइम पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश का पांच दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी का मुख्य काम ठगी के पैसों को ठिकाने लगाने का था। पुलिस अब मुख्य सरगना की तलाश में जुट गई है।
यमुनानगर साइबर क्राइम थाने में बीती 19 नवंबर को डिजिटल अरेस्ट के मामले का पहला केस दर्ज किया गया था। साइबर ठगों ने एक महिला चिकित्सक को 10 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखकर 13 लाख 20 हजार रुपये की ठगी की थी। इस मामले में पुलिस ने तीन दिन पहले जयपुर राजस्थान से तीन आरोपियों को पकड़ा था। पूछताछ में पता चला था कि आरोपियों ने अपने बैंक खाते साइबर ठगों से कमिशन लेकर किराए पर दिए थे।
पूछताछ में कई अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आए थे। एक आरोपी सौरभ को साथ लेकर पुलिस टीम राजस्थान के जोधपुर आस-पास के जिलों में पहुंची थी। जहां से पुलिस ने एक ओर आरोपी को काबू कर लिया है। आरोपी को अदालत में पेश कर पांच दिन कर रिमांड लिया गया है।
पुलिस का दावा है कि टीम इस गिरोह के मास्टरमाइंड के करीब पहुंच गई है। जल्द ही आरोपी को काबू किया जाएगा। एसएचओ साइबर क्राइम थाना रविकांत ने बताया कि एक ओर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। अदालत में पेश का पांच दिन की रिमांड पर लिया गया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
कैश ठिकाने लगाने का करता था काम
पुलिस ने चौथे आरोपी से पूछताछ की है। पूछताछ में पता चला है कि आरोपी का मुख्य कार्य साइबर ठगों और किराए के खाते के खाताधारकों के बीच की कड़ी का काम था। खातों से पैसे निकालकर साइबर ठगों तक पहुंचाता था। इसके लिए उसे मोटी रकम मिलती थी।