संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना के शताब्दी वर्ष व दशहरे पर आठ मंडलों में पथ संचलन व शस्त्र पूजन का आयोजन हुआ। ग्रामीण क्षेत्र में मंडल स्तर व शहर में बस्ती स्तर पर 100 से अधिक जगहों पर पथ संचलन व शस्त्र पूजन हुआ। पथ संचलन के दौरान स्वयंसेवकों ने कदम से कदम मिलाकर अनुशासन प्रदर्शन किया।
शेरपुर मंडल, लाक्कड़ मंडल, रामनगर मंडल, रामपुर कांबोयान मंडल, शेरपुर माजरा मंडल, सदिकपुर मंडल, ईस्माइलपुर मंडल व हडौली मंडल में सैकडो स्वयंसेवकों ने पथ संचलन में भाग लिया। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ शताब्दी वर्ष में तीन से पांच अक्टूबर तक 37 कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। आदिबद्री खंड के रामपुर कांबोयान मंडल में आयोजित शस्त्र पूजन व पथ संचलन कार्यक्रम में समाजसेवी प्रदीप शर्मा मुख्य अतिथि रहे। जिला शारीरिक शिक्षण प्रमुख मेनपाल मुख्य वक्ता रहे। कार्यक्रम में 141 स्वयं सेवकों ने भाग लिया और सज्जन शक्ति के रूप में 50 परिवारों ने कार्यक्रम में हिस्सा बने। पथ संचलन रामपुर कांबोयान शिव मंदिर से शुरू हुआ, जो बस स्टैंड, मुख्य बाजार से होता हुआ बिहटा गांव पहुंचा।
समाजसेवी प्रदीप शर्मा कहा कि राष्ट्र के विकास में योगदान देना भी प्रत्येक नागरिक का कर्त्तव्य है। शिक्षा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना ऐसे कार्य हैं जो देश को मजबूत बनाते हैं। युवा पीढ़ी को विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में योगदान देकर भारत को वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनाने का प्रयास करना चाहिए।
मेनपाल ने कहा कि हिंदू समाज के स्वाभिमान के लिए डॉ हेडगेवार ने विजय दशमी के दिन वर्ष 1925 में हिंदू समाज को संगठित करने का काम शुरू हुआ। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के शताब्दी वर्ष में होने वाले कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दी। साढौरा खंड के सादिकपुर मंडल ईस्माइलपुर मंडल में शस्त्र पूजन कार्यक्रम हुआ। सादिकपुर मंडल में समाजसेवी संजीव कुमार मुख्य अतिथि रहे। जिला मुख्य मार्ग प्रमुख चमन मुख्य वक्ता रहे। खदरी खंड के यमुना मंडल के गांव लाक्कड़ में पथ संचलन व शस्त्र पूजन हुआ। विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष अशोक कुमार मुख्य वक्ता रहे। लाक्कड़ गांव के सरपंच शैलेंद्र मुख्य अतिथि रहे। पथ संचलन गांव की विभिन्न गलियों से गुजारा। कार्यक्रम में 136 स्वयं सेवकों ने भाग लिया। मुख्य अतिथि शैलेंद्र ने कहा कि नागरिकों को देश की सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं का संरक्षण करना चाहिए तथा किसी भी प्रकार की हिंसा, भेदभाव या असहिष्णुता से दूर रहना चाहिए। छछरौली खंड के हडौली मंडल में शस्त्र पूजन कार्यक्रम हुआ। समाजसेवी जरनैल सिंह मुख्य अतिथि रहे।
आरएसएस के सदस्य बन करें देश सेवा : सतपाल
रादौर। गांव मंधार में मंधार मंडल के लगभग छह गांवों के स्वयं सेवकों ने भाग लिया। स्वयं सेवकों ने पथ संचलन में भाग लेकर गांव के लोगों को आरएसएस अपनाने के लिए प्रेरित किया। आरएसएस सदस्य मास्टर सतपाल कांबोज ने बताया कि आरएसएस 100 वर्षो से हिंदुओं के उत्थान के लिए कार्य कर रहा है। हिंदू बच्चों को आरएसएस अपना कर देश सेवा के कार्यों में बढ़ चढ़कर भाग लेना चाहिए। बच्चे देश का भविष्य होते हैं। बच्चों को देश के लिए प्राण त्यागने वाले क्रांतिकारियों के जीवन से प्रेरित करना चाहिए। क्रांतिकारी अधिकतर आरएसएस की शिक्षाओं से प्रेरित थे। जिन्होंने देश को आजाद करवाने में अपने प्राणों का बलिदान दिया। इस अवसर पर मास्टर सतपाल कांबोज, डॉ. सतीश कांबोज, भीम सिंह, विक्रम सिंह मौजूद रहे। संवाद
समाज को दिशा दिखा रहा संघ : राकेश
यमुनानगर। प्रतापनगर खंड के रामनगर मंडल में शस्त्र पूजन कार्यक्रम हुआ। रामनगर मंडल के 10 गांव से 170 स्वयंसेवक ने भाग लिया। कैलाश महाराज ने बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम में शिरकत की। मुख्य वक्ता जिला कार्यवाह राकेश कुमार नंदगढ़ ने कहा कि संघ समाज को दिशा दिखा रहाहै। नंदगढ ने बताया दशहरे पर वर्ष 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की गई थी। 100 वर्ष की इस यात्रा में संगठन ने अनुशासन और संयम का परिचय दिया। कोई भी संगठन किसी समाज की समस्याओं को दूर नहीं कर सकता। संगठन केवल समाज को दिशा दिखा सकता है। इसी के लिए संघ अपने 100 वर्ष पूरे होने पर समाज में पांच परिवर्तन कार्यक्रम को लेकर जा रहा है। स्वयं सेवकों ने पूर्ण गणवेश में रामनगर गांव में पथ संचलन किया। संवाद
रामपुर कंबोयान में पथ संचलन करते स्वयंसेवक। संवाद