नई 56 बसें आने के बाद भी जिले के ग्रामीण रूटों पर हरियाणा रोडवेज की सर्विस उम्मीद मुताबिक नहीं बढ़ पाई है। चूंकि नई बसें दिल्ली, कांगड़ा, मनाली, शिमला, चंडीगढ़, गुरुग्राम जैसे रूटों पर लगा दी गई हैं, वहीं जिले के ग्रामीण रूटों पर पहले जैसे पुरानी बसों का ही सहारा है। इसी कारण ग्रामीण रूटों की रोडवेज सर्विस में नई बसें आने से कोई खास सुधार नहीं हो पाया है। हालांकि कुछ रूटों शुरू व अन्यों पर बसों के फेरे जरूर बढ़े हैं, किंतु वह मांग मुताबिक कम हैं। इसी के चलते ग्रामीणों को अभी भी निजी वाहनों से या ऑटो व अन्य साधनों का सहारा लेकर आना-जाना पड़ रहा है। बता दें कि हरियाणा रोडवेज के यमुनानगर डिपो पर गत एक वर्ष में नई 50 यूरो-6 व सात एसी बसें मिली। इनमें एक एसी बस को छोड़ अन्य 56 बसें ऑनरूट हो गई हैं। डिपो पर कुल बसें बढ़कर 191 हो गई हैं, जिनमें ऑनरूट बसों के यमुनानगर बस स्टैंड से विभिन्न रूटों पर 170 से 180 समय बसें हैं। इनमें जिले के ग्रामीण रूटों पर बसों के 40 से 50 समय ही हैं जबकि बाकी दूसरे जिलों व राज्यों के रूटों के समय हैं।
यमुनानगर व जगाधरी बसस्टैंड से सैकड़ों छात्र-छात्राएं दामला, रादौर, कुरुक्षेत्र, मुलाना, हथिनीकुंड सहित जिले के अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में बने शिक्षण संस्थान में पढ़ने जाते हैं। ऐसे ही ग्रामीण क्षेत्रों से यमुनानगर व जगाधरी शहर के शिक्षण संस्थानों में भी हजारों विद्यार्थी पढ़ने जाते हैं। इसके अलावा जिले से हजारों नौकरीपेशा लोग भी रोडवेज बसों के आना-जाना करते हैं। जिन्हें उनके रूटों पर बसें व उनके फेरे कम होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लांग रूटों के साथ जिले के ग्रामीण रूटों पर भी मांग मुताबिक बसों की सर्विस दी जा रही है। इसके अलावा भी जिन रूटों पर यात्री बढ़ते हैं या किसी नए रूट को चलाने की मांग है तो नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।- भीम सिंह, ड्यूटी इंस्पेक्टर, यमुनानगर डिपो।