यमुनानगर। यमुनानगर-कुरुक्षेत्र सड़क को पीपली तक चौड़ा करने का काम रामभरोसे चल रहा है। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चैटाला ने विधानसभा में कहा था कि इस सड़क को वर्ष 2023 से पहले चौड़ा कर देंगे। जबकि पीडब्ल्यूडी के अधिकारी कह रहे हैं कि इस सड़क को चौड़ा होने में कम से कम वर्ष 2025 तक का समय चाहिए। इससे पहले सड़क को चौड़ा करना मुश्किल है। सरकारी काम की मौजूदा दौर में जो रफ्तार चल रही है, ऐसे में तो 2025 से पहले सड़क चौड़ीकरण की उम्मीद छोड़ ही देनी चाहिए।
उल्लेखनीय है कि अभी तक सड़क का सर्वे हो रहा है। सर्वे कब पूरा होगा, कब प्लानिंग बनेगी। इसके बाद ठेकेदार को कब वर्क अलाट होगा। यह सारे सवाल आम जनमानस के मानस पर तैर रहे हैं। इस सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि लोगों का इस पर से गुजरना कठिन हो गया है। रोजाना सड़क पर हादसे हो रहे हैं। अब तो ऐसी भी स्थिति नहीं है कि इसकी मरम्मत करवा कर लोगों को कुछ समय के लिए राहत दी जा सके। रादौर से कांग्रेस विधायक डॉ. बीएल सैनी ने यमुनानगर-कुरुक्षेत्र की खस्ता हालत का मामला गत विधानसभा में उठाया था। जिसका जवाब देते हुए उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने विधानसभा में बताया था कि कुरुक्षेत्र से यमुनानगर तक सड़क की कुल लंबाई 41.15 किलोमीटर है। इसमें से 20 किलोमीटर यमुनानगर व 21.15 किलोमीटर जिला कुरुक्षेत्र में पड़ती है। यमुनानगर में पड़ने वाली सड़क में से 4.18 किलोमीटर पहले से ही फोरलेन है। इसी प्रकार कुरुक्षेत्र में पड़ने वाली उक्त सड़क में से 7.85 किलोमीटर फोरलेन है। शेष 29.12 किलोमीटर सड़क को हाइब्रिड-एन्यूइटी मोड के तहत फोरलेन करने का प्रस्ताव है। वर्ष 2023 से पहले इसका निर्माण कर दिया जाएगा। इस साल का भी एक माह तो निकल चुका है। जब सर्वे ही नहीं हुआ तो दिसंबर तक यह कैसे बनेगा।
सावित्री बाई फुले चौक से लेकर वाल्मीकि चौक तक तक रहता है जलभराव
इस सड़क को फोरलेन करने पर करीब 15 करोड़ रुपये की लागत आनी है। रादौर निवासी सुनील, सचिन व राहुल ने बताया कि सबसे अधिक परेशानी रादौर के माता सावित्री बाई फुले चौक से लेकर महर्षि वाल्मीकि चौक तक है। यहां सड़क के दोनों ओर पानी जमा रहता है। जिससे दुकानदारी भी प्रभावित होती है। इस समस्या से निजात दिलवाने के लिए विभाग की टीम ने कुछ माह पूर्व सड़क के गड्ढों को भरने का काम शुरू किया था लेकिन गड्ढों को मिट्टी व ईंटों से भर कर अधिकारियों ने लोगों की जान से खिलवाड़ करने का काम किया।
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विधायक कर चुके हैं प्रदर्शन
कुरुक्षेत्र रोड को लेकर विधायक चार दिन पहले पीडब्ल्यूडी कार्यालय में प्रदर्शन किया था। इससे कुछ दिन पहले ही किसान की गन्ने से भरी ट्राली रादौर में गड्ढों में पलट गई थी। अधिकारियों ने आश्वासन तो दिया था कि वह 15 दिन में गड्ढों को भर देंगे। जिस पर बीएल सैनी ने कहा था कि यदि 15 दिन में हालत नहीं सुधरी तो वह उनके कार्यालय के गेट पर टेंट लगाकर बैठ जाएंगे।
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अभी कई साल लगेंगे: जसमेर सिंह
पीडब्ल्यूडी के एसडीओ जसमेर सिंह ने बताया कि यह सड़क पीडब्ल्यूडी के ही विंग एचएसआइआरडीसी द्वारा बनाई जानी है। सड़क को बनाने में करीब 2025 तक का समय लगेगा। फिलहाल सड़क का सर्वे चल रहा है। साथ ही रादौर में सड़क के दोनों ओर पानी निकासी के लिए नाला बनाने की योजना है।