संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बापा में चल रहा सात दिवसीय भारतीय भाषा ग्रीष्मकालीन शिविर का रविवार को समापन हो गया। समापन पर विद्यार्थियों ने शिविर में सिखाई भाषा, कला एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रदर्शन किया।
हिंदी प्राध्यापक राकेश पांचाल ने कहा कि पारंपरिक खेल हमारी संस्कृति और विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि कबड्डी, खो-खो, गिल्ली-डंडा, पिट्ठू, रस्सीकूद और कंचे इत्यादि खेल बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास में अहम भूमिका निभाते हैं। इनसे बच्चों में अनुशासन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास का विकास होता है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में मोबाइल और टीवी के बढ़ते प्रभाव के बीच पारंपरिक खेल बच्चों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं। प्राध्यापक सुरेश वर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों से सकारात्मक सोच और मेहनत के साथ अपने लक्ष्य हासिल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रेरित विद्यार्थी समाज के लिए आदर्श बनते हैं।
प्राध्यापिका रजनी देवी ने कहा कि किसी भी कार्यक्रम का समापन नई सीख और नए संकल्पों की शुरुआत होता है। समापन समारोह बच्चों की प्रतिभा को सम्मान देने और उनमें आत्मविश्वास बढ़ाने का माध्यम है। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया।