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Yamuna Nagar News: मीटर रीडिंग में देरी से लोगों पर पड़ा महंगी यूनिट का भार

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राजेश कुमार
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यमुनानगर। घरों में लगे बिजली मीटर की रीडिंग समय पर नहीं ली जा रही। नियमानुसार दो महीने का बिल आना चाहिए, लेकिन इस बार रीडिंग 10 से 15 दिन देरी से ली गई। इसका खामियाजा बिजली उपभोक्ता भुगत रहे हैं, क्योंकि देरी से रीडिंग लिए जाने पर बिजली बिल में यूनिट का ज्यादा रेट लग कर आ रहा है। जबकि इसमें बिजली उपभोक्ताओं का कोई कसूर नहीं है।
जिस एजेंसी को रीडिंग लेने का ठेका दिया गया है, उसके कर्मचारी समय पर नहीं आए। पहले बिजली दरों में वृद्धि आने से लोगों के बिल ज्यादा आ रहे थे। अब देरी से रीडिंग लिए जाने से ज्यादा निकली हुई यूनिट अधिकतम दरों में बिल में जुड़ कर आ रही हैं। अभी भी रीडिंग लेने का काम पूरा नहीं हुआ है। रीडिंग में देरी होने से लोगों के बिल भी बढ़ते चले जाएंगे। जिले में बिजली के कुल चार लाख 28 हजार 700 कनेक्शन हैं। इनमें घरेलू कनेक्शन 324841 हैं। इनमें 75 प्रतिशत कनेक्शन तो दो किलोवाट के हैं।
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कृषि, उद्योग, स्ट्रीट लाइट, रेलवे, जनस्वास्थ्य विभाग के ट्यूबवेलों हैं, जिनका लोड तीन किलोवाट से अधिक है। देरी से रीडिंग लिए जाने से बिजली मीटर में यूनिट भी ज्यादा निकल जाती है। जितनी यूनिट ज्यादा निकलेगी उनका बिल उसी हिसाब से ज्यादा आएगा। जैसे कोई परिवार दो माह में बिजली की 300 यूनिट खर्च करता है। यदि रीडिंग लेने में 15 दिन की देरी हो गई 300 यूनिट हिसाब से तब तक करीब 75 यूनिट ज्यादा निकल जाएंगी। हाल ही में बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी के बाद 300 यूनिट तक अधिकतम 5.25 रुपये की प्रति यूनिट की दर से बिल आता है। 301 से 500 के बीच निकली यूनिट का बिल 6.45 रुपये के हिसाब से बनेगा। इस तरह बिल में 484 रुपये ज्यादा जुड़ कर आएंगे। यदि कोई परिवार दो माह 500 यूनिट की खपत करता है और 15 दिन रीडिंग लेने में देरी होने पर औसतन 125 यूनिट ज्यादा निकल जाएंगी। 500 से ज्यादा जो यूनिट निकली हैं उनका बिल 7.10 रुपये के हिसाब से आएगा जो करीब 888 रुपये बनता है। यह तो केवल यूनिट का रेट है। बिल ज्यादा बनेगा उसमें अन्य चार्ज भी उसी प्रकार से बढ़ते चले जाएंगे। इस बार ऐसा ही हुआ। हजारों उपभोक्ताओं के बिलों में कई लाख रुपये ज्यादा जुड़ कर आ गए।व्यासपुर निवासी सलोचना देवी ने बताया कि उनका पिछला जो बिल आया था उसकी रीडिंग 13 मई को ली गई थी, लेकिन इस बार कर्मचारी 21 कजुलाई को रीडिंग लेने के लिए आया। इसलिए बिल बहुत ज्यादा आया है। विनोद कुमार ने बताया कि उनके घर पर भी इस बार मीटर की रीडिंग 10 दिन देरी से ली गई है, जिससे बिल पिछली बार से ज्यादा आया है। संवाद
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