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इलाकों का दौरा कर डीसी ने जानी हकीकत

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DC came to know the reality by visiting the areas - फोटो : Yamuna Nagar
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यमुनानगर। मानसून करीब है। बारिश के दौरान नाले जाम होने से शहर तालाब नजर न आए। प्रशासनिक अधिकारी जलभराव से बचाव की सुध लेने लगे हैं। सोमवार को डीसी पार्थ गुप्ता और एसडीएम सुशील कुमार जलभराव वाले इलाकों में पहुंचे। दोनों ने नालों की सफाई से लेकर जलभराव और अन्य प्रबंधों पर निगम, पब्लिक हेल्थ और पीडब्ल्यूडी के अफसरों के दावों की हकीकत जानी। सभासदों की मानें तो डीसी की नजरों से जलभराव वाले कई इलाके छूट गए।
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डीसी और एसडीएम के दौरे में शहर की सिर्फ दस साइट ही शामिल थी। इन साइट पर डीसी के पहुंचने से पहले ही नाले और आसपास सफाई करा दी गई थी। इसके बाद भी डीसी ने कई कमियां देख संबंधित विभागों के अफसरों को दूर करने के निर्देश दिए। उधर दौरे का बाद में पता लगने पर वार्ड पार्षदों ने नाराजगी जताई। आरोप लगाया कि अफसरों ने कार्रवाई से बचने के लिए जलभराव और नाले की सफाई के कई कमजोर पहलू दौरे में छिपा लिए। जलभराव से बदनाम कई इलाके दौरे में छोड़ दिए गए। पार्षदों ने मांग की कि डीसी अपने दौरे में उन्हें भी शामिल करें तो वे पूरा सच दिखाकर अफसरों के दावों की पोल खोलेंगे।
उल्लेखनीय है कि लाजपतनगर, विजय कॉलोनी, जसवंत कॉलोनी और पश्चिमी यमुना नहर की पटरी से लगती शांति कॉलोनी व आजाद नगर की गलियां शहर के निचले इलाके में स्थित हैं। इसके अलावा कैंप, शिवपुरी, कांसापुर, गुलाब नगर सहित कई इलाकों में हर साल बारिश के दौरान लोग जलभराव के हालात झेलते हैं। इसी तरह जगाधरी में बुड़िया गेट रोड, रेलवे रोड पर भी जलभराव होता है, पर डीसी के दौरे में यह इलाके शामिल नहीं थे। इन इलाकों में रहने वाले विकास जैन, प्रकाश शर्मा, प्रिंस ने बताया कि हल्की बरसात में ही उक्त इलाकों में कई इंच जलभराव होता है, जिसका कई वर्षों से प्रशासन स्थाई समाधान नहीं कर पाया है। केवल नालों की सफाई के नाम पर खानापूर्ति कर इतिश्री की जा रही है।
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ये दस साइट रहीं दौरे में शामिल
डीसी के दौरे में जलभराव की तीन साइट में जगाधरी का झंडा चौक, सिविल लाइन, मटका चौक शामिल रही। इसी तरह जगाधरी में अंबाला रोड पर एचडीएफसी बैंक के सामने पीडब्ल्यूडी पुलिया, सेक्टर-17 में कुष्ट आश्रम के समीप बने नाले, जिमखाना क्लब के पास बने नाले, शक्तिनगर में वेयर हाउस गोदाम के बाहर बने नाले, यमुनानगर बस स्टैंड के समीप बने नाले की साइट की सफाई के हाल का डीसी ने जायजा लिया। इसके अलावा कैंप के समीप विश्वकर्मा चौक पर नाले के टैब वर्क और जोड़ियों गुरुद्वारा के समीप निर्माणाधीन आईपीएस की साइट भी शामिल थी।
डीसी के पहुंचने से पहले ही करा दी सफाई
वेयर हाउस गोदाम के बाहर की साइट पर डीसी के पहुंचने से पहले ही यहां डंप होने वाले कचरे की निगम की ओर से सफाई करा दी गई, वहीं नाले की सफाई भी शुरू हो गई। अन्य साइट पर भी डीसी के पहुंचने से पूर्व नालों की सफाई का कार्य चलता रहा। वेयर हाउस गोदाम के बाहर पहुंचे डीसी को एक व्यक्ति ने बताया कि आसपास जो सफाई दिख रही है, वो आपके आने के कारण है। आम दिनों में यहां सुबह शाम डंप कचरा उठान न होने से सड़ता है। बरसात में यही कचरा सड़कों से आसपास के घरों तक पहुंच जाता है। इस पर डीसी ने जवाब मांगा तो नगर निगम के संयुक्त आयुक्त अशोक कुमार ने कहा कि शिकायत पर कार्रवाई कर क्षेत्र में जिस अफसर की ड्यूटी थी, उसकी जगह दूसरे को लगा दिया।
पार्षद बोले, ऐसे दौरे में हमें भी ले लें साथ, पूरा सच दिखा खोलेंगे पोल
निगम के पार्षदों में वार्ड 4 से देवेंद्र सिंह और वार्ड-8 से विनोद मरवाह ने कहा कि डीसी के दौरे में अफसरों ने वही स्थान शामिल किए, जहां का काम पूरा था। जबकि दौरे में जलभराव और नालों की सफाई के मामले में कमजोर पहलू छिपा लिए गए। इसलिए उनकी मांग है कि इस तरह के दौरे में संबंधित वार्ड पार्षद को जरूर बुलाया जाए, ताकि वे पूरा सच दिखाकर अफसरों के दावों की पोल खोल सकें।
निरीक्षण में अंबाला रोड पर एचडीएफसी बैंक के सामने पीडब्ल्यूडी की पुलिया पर कमी मिली, जिसके लिए संबंधित अफसर को निर्देश दिए गए। अन्य साइट पर भी जो सुधार की जरूरत थी, उस बारे में निर्देश दिए। अभी नालों की सफाई का एक चरण पूरा हो चुका है। मानसून से पहले अगले दस दिन में दूसरे चरण की भी सफाई पूरी हो जाएगी।
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- पार्थ गुप्ता, डीसी, यमुनानगर।
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