संवाद न्यूज ऐंसी
यमुनानगर। जिले में व्यावसायिक गैस सिलिंडर की डिलीवरी शुरू होने के बावजूद लोगों की परेशानियां कम नहीं हुई हैं। रोजाना केवल 100 सिलिंडर का कोटा तय होने से मांग और आपूर्ति के बीच बड़ा अंतर बना है। ऐसे में होटल, ढाबा संचालकों के साथ-साथ शादी वाले परिवारों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन की ओर से सीमित उपलब्धता को देखते हुए प्राथमिकता तय की गई है। सबसे पहले स्कूलों, अस्पतालों और जिन परिवारों में शादी समारोह हैं, उन्हें सिलिंडर दिए जा रहे हैं। यह सिलिंडर भी तब दिए जाएंगे जब कमेटी निर्णय लेगी। इसके लिए डीसी की अध्यक्षता में एसपी, डीएफएससी, सिविल सर्जन व डीईओ की कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी तय करेगी कि किसे कितने सिलिंडर देने हैं।
जरूरतमंदों की संख्या इतनी अधिक है कि सभी को समय पर सिलिंडर मिल पाना मुश्किल हो रहा है। हालात यह हैं कि शादी वाले परिवार अपने निमंत्रण कार्ड लेकर डीएफएससी कार्यालय पहुंच रहे हैं, ताकि उन्हें प्राथमिकता के आधार पर गैस मिल सके। गैस की कमी का असर सीधे शादी समारोहों पर पड़ रहा है। बिना पर्याप्त सिलिंडर के खाना बनाने की व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
पहले लोग शादियों में घरेलू गैस सिलिंडरों का इस्तेमाल कर किसी तरह काम चला लेते थे, लेकिन अब उस पर सख्ती बढ़ने के बाद केवल कामर्शियल सिलिंडर का ही उपयोग करना अनिवार्य हो गया है। इससे परेशानी और बढ़ गई है। तेलीपुरा निवासी अब्दुल रहमान ने बताया कि उनके परिवार में 28 मार्च को बेटे और 29 मार्च को बेटी का निकाह है।
तैयारियां जोरों पर हैं, लेकिन गैस की कमी ने चिंता बढ़ा दी है। हलवाई ने 10 कामर्शियल सिलिंडर की मांग की है। इसके लिए वह आवेदन के साथ शादी का कार्ड लेकर डीएफएससी कार्यालय पहुंचे हैं, ताकि समय रहते सिलिंडर मिल सकें। इसी तरह टोडरपुर निवासी जुल्फान ने बताया कि उनकी बेटी का निकाह चार अप्रैल को है और इसके लिए करीब 25 सिलिंडर की जरूरत है।
उन्होंने भी आवेदन के साथ कार्ड जमा कराकर सिलिंडर उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है। सुपरिटेंडेंट ने कहा है कि जब सिलिंडर दिए जाएंगे तो फोन पर सूचित कर देंगे। वीरवार को शादी में सिलिंडर के लिए आठ से ज्यादा आवेदन डीएफएससी कार्यालय में आ चुके थे।