संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापनगर। रॉयल्टी कंपनी के खिलाफ क्रशर संचालकों ने मोर्चा खोल दिया और रविवार की देर शाम धरने पर बैठ गए। मामला क्रशर संचालकों के खिलाफ हुए मुकदमे वापस लेने को लेकर है।
क्रशर संचालकों का कहना है कि जब रॉयल्टी ठेकेदार उनको महंगे दामों पर परचेज दे रहे हैं तो पकड़ी गई गाड़ियों की जिम्मेदारी भी उनकी ही है, क्योंकि प्रशासन ने पकड़ी गई गाड़ियों की पर्चियां को सेंड की बजाय बजरी की बताया। वहीं क्रशर संचालकों का कहना है कि जब एक रॉयल्टी कंपनी की तरफ से उनको सेंड की परचेज दी जा रही है, तो वह माल भी उसी का भरेंगे। जिसको लेकर क्रशर संचालकों में रोष है।
संचालकों का कहना है कि जोन में लगभग 200 के करीब स्क्रीन प्लांट व क्रशर हैं, जब तक उन गाड़ियों का कोई समाधान नहीं होता, तब तक न कोई क्रशर संचालक किसी भी रॉयल्टी कंपनी से परचेज लेगा और क्रशर नहीं चलाएगा। लोगों ने रायल्टी कंपनी को यहां तक चेताया कि जब रॉयल्टी कंपनी महंगे दामों पर रॉयल्टी बेच रही है तो रेत बजरी की पर्चियां व बिल देने की जिम्मेदारी व उनकी देखभाल करना भी उनका ही कर्तव्य है। क्रशर संचालकों ने प्रशासन को चेताया या तो रॉयल्टी को खत्म किया जाए या फिर नियमानुसार चलवाया जाए।
दो दिन पहले बूड़िया के नजदीक प्रशासन की तरफ से रेत बजरी से भरी आधा दर्जन गाड़ियां पकड़ी गई थी। जिनकी रॉयल्टी की पर्ची फर्जी बताकर उनको जब्त किया गया है जबकि क्रशर संचालकों व ट्रांसपोर्ट का कहना है कि हमने जिस कंपनी से परचेज ली है। उसी की पर्ची है फिर क्यों उनको परेशान किया जा रहा है।
उधर रॉयल्टी कंपनी ने भी इस मामले में हाथ खड़े कर दिए हैं। गाड़ियां न छूटने के बाद क्रशर जोन संचालक एकजुट होकर प्रशासन से मिले लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ उसके बाद क्रशर जोन से जुड़े सैकड़ों की संख्या में लोग धरने पर बैठ गए उनका कहना है की धरना तभी खत्म होगा जब उनका समाधान होगा। उन्होंने यह भी कहा कि रियल्टी के नाम पर आम जनता व क्रशर संचालकों को ठगा जा रहा है।