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Yamuna Nagar News: 675 किलाेमीटर लंबी सड़कों की जांचकर गड्ढे ढूंढेंगे अफसर

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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। सड़कों में कितने गड्ढे हैं इसका पता करने के लिए अधिकारी व कर्मचारी जिले की 675.275 किलोमीटर सड़कों का मुआयना करेंगे। कोई लापरवाही न बरते इसलिए कर्मचारियों को उस जगह की जीपीएस लोकेशन शेयर करनी होगी, जहां पर गड्ढा मिलेगा। सड़कों का मुआयना करने के लिए डीसी पार्थ गुप्ता ने 14 अधिकारियों की कमेटी का गठन किया है।
इन सड़कों में पीडब्ल्यूडी यमुनानगर के अधीन 558.675 किलोमीटर और नारायणगढ़ के अधीन जिले में आने वाले मार्ग 116.60 किलोमीटर लंबी सड़कें शामिल हैं। इन गड्ढों की रिपोर्ट डीसी को दी जाएगी। जिसके बाद गड्ढों को भरने का काम शुरू किया जाएगा। प्रशासन ने दो सप्ताह में सभी गड्ढों को भरने का लक्ष्य रखा है। अभी तक किए गए निरीक्षण में सड़कों पर 400 गड्ढे मिल चुके हैं।
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जिन सड़कों का मुआयना किया जा रहा है वह डीएलपी (दोष दायित्व अवधि) हैं। यह वह सड़कें हैं जिनका निर्माण विभिन्न एजेंसियों ने किया है। सड़क निर्माण का कार्य पूरा होने के बाद तीन साल तक इसकी देखरेख की जिम्मेदारी एजेंसी की ही होती है। परंतु कई एजेंसी इसमें लापरवाही बरतती हैं। गारंटी में होने के बावजूद सड़क की मरम्मत नहीं कराई जाती। इसलिए डीसी ने सड़कों का निरीक्षण करने के लिए टीमों का गठन किया। एक टीम 50 किलोमीटर लंबी सड़कों का निरीक्षण करेगी।
शहर से गांवों तक की सड़कों में गड्ढे
शहर से लेकर गांवों तक में सड़कों में गड्ढे हो चुके हैं। टूटी सड़कें हादसों को बढ़ावा दे रही हैं। व्यासपुर उपमंडल के गांव रानीपुर खुर्द की 700 मीटर लंबी सड़क दो साल से टूटी पड़ी है। इस पर पानी जमा है। ग्रामीणों का कहना है कि टूटी सड़क के कारण गांव में आना जाना बंद हो गया है। बार-बार कहने पर भी जिम्मेदारों का इस सड़क की तरफ ध्यान बिल्कुल भी नहीं है।
ककड़ौनी-चाहड़वाला सड़क कच्चे रास्ते में तब्दील

ककड़ौनी से चाहड़वाला जाने वाली सड़क का भी यही हाल है। सड़क कहीं-कहीं नजर आती है। इस सड़क से दर्जनों गांव जुड़े हैं। इतना ही नहीं जागधौली स्थित माता शीतला के मंदिर भी लोग इसी सड़क से जाते हैं। फिर भी इसे ठीक नहीं कराया जा रहा। छौली गांव के अड्डा से बसातियांवाला जाने वाली सड़क भी कच्चे रास्ते में तब्दील हो चुकी है। गांव के कुलवंत सिंह, काका राम, सोहन लाल, बलिंद्र सिंह, गुरदीप सिंह, कुलवंत सिंह का कहना है कि करीब एक किलोमीटर लंबी इस टूटी सड़क की वजह से उन्हें दूसरे रास्ते से घूम कर आना जाना पड़ रहा है। यहां तक की रिश्तेदार गांव में नहीं आते। शहर के मॉडल टाउन में शास्त्री पार्क की तरफ जाने वाली सड़क के चौक पर इतना गहरा गड्ढा है कि इसकी मरम्मत कराने का समय भी अधिकारियों के पास नहीं है।
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टूटी सड़कों की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जिले की सभी सड़कों के गड्ढे दो सप्ताह में भरने के निर्देश दिए गए हैं। कुछ सड़कें एनएच के निर्माण कार्य में लगे वाहनों की वजह से भी टूटी हैं। इस पर एनएचएआई को इन सड़कों की मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही सड़कों के निरीक्षण का कार्य पूरा हो जाएगा।

- पार्थ गुप्ता, डीसी यमुनानगर।
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