संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। छुट्टी के बाद सोमवार क जिला नागरिक अस्पताल खुला तो उपचार के लिए मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही अस्पताल के एनसीडी केंद्र से लेकर ओपीडी की पर्ची बनवाने और डॉक्टरों के केबिन के बाहर मरीजों की लंबी कतारें नजर आईं। बारिश के बीच अस्पताल पहुंचे मरीज अव्यवस्था से परेशान होते दिखाई दिए।
कहीं पर्ची तो कहीं डॉक्टर को दिखाने के लिए इंतजार करना पड़ा। जड़ौदा गांव से पहुंचे सतीश ने बताया कि उसे सांस चढ़ने के साथ छाती में दर्द रहता है। बारिश में भीगते हुए अस्पताल पहुंचा, लेकिन जांच के बाद अस्पताल से सभी दवाइयां नहीं मिल सकीं। मजबूरन कुछ दवाइयां मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ीं। हमीदा निवासी गुलफाम ने बताया कि उसकी पत्नी का अस्पताल में उपचार चल रहा है। सुबह से लंबी लाइन में लगने के बाद भी एक पत्ता दवा बाजार से खरीदना पड़ा। अस्पताल में मरीज डॉक्टरों के केबिन के बाहर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। मरीजों का कहना था कि कई बार डॉक्टर अपनी सीट पर नहीं मिले। डॉक्टर के किसी काम से बाहर जाने पर मरीजों को इंतजार करना पड़ा।
इससे पहले से लगी कतार और लंबी होती गई। बारिश के कारण अस्पताल परिसर में जगह-जगह पानी जमा हो गया। मरीज और तीमारदार पानी से बचते हुए दीवारों के साथ-साथ निकलते दिखाई दिए। कई जगह लोगों ने पानी में पैर रखने से बचने के लिए ईंटों का सहारा लिया। बुजुर्गों और बीमार मरीजों को इससे ज्यादा परेशानी हुई।
बेतरतीब पार्किंग होने से रास्ता भी हो गया संकरा
अस्पताल परिसर और रास्ते में बेतरतीब खड़े वाहनों ने भी परेशानी बढ़ाई। एंबुलेंस समेत अन्य वाहनों को निकलने में दिक्कत हुई। मरीजों के तीमारदारों का कहना था कि बारिश के दिन अस्पताल में भीड़ के साथ पार्किंग और जलभराव की समस्या और गंभीर हो जाती है। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को उपचार के साथ इन अव्यवस्थाओं से भी जूझना पड़ रहा है।
सोमवार को बारिश होने के बावजूद अस्पताल में बड़ी संख्या में मरीज पहुंचे। प्रयास यही रहता है कि अस्पताल से मरीजों को सभी दवा मिल जाए। जो दवा अस्पताल से नहीं मिल पाती वह प्रधानमंत्री जन औषधी केंद्र से मिल जाती है। -डॉ. विपुल गोयल, पीएमओ, जिला नागरिक अस्पताल।