हरियाणा के यमुनानगर के रादौर में एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम पंचकूला ने रविवार को खेड़ी लक्खा सिंह चौकी प्रभारी एएसआई कंवल राणा को एक व्यक्ति से आठ हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। पुलिस ने चौकी प्रभारी के विरूद्ध मामला दर्ज किया है। एंटी करप्शन ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि जोगिंद्र सिंह ने सितंबर 2021 में अंटावा निवासी नरेश से पांच हजार रुपये एडवांस देकर एक स्वीफ्ट डिजायर कार खरीदी थी। बाद में दो लाख रुपये देकर एफिडेविट बनवा लिया था।
बाकी 60 हजार रुपये एनओसी के बाद देने की बात तय हुई थी। एनओसी नहीं मिलने पर जोगिंद्र ने सीएम विंडो पर शिकायत दी थी। शिकायत थाने में आने पर नरेश को बुलाया गया था। जहां पर उसने 20-25 दिन का समय मांगा था। वहीं नरेश ने खेड़ी लक्खा चौकी में जोगिंद्र के खिलाफ पैसे न देने की शिकायत दे दी थी। जिसको लेकर ही एएसआइ कंवल सिंह ने जोगिंद्र को चौकी में बुलाया था। इस मामले की जांच चौकी प्रभारी कंवल राणा द्वारा की जा रही थी।
जिस पर कंवल राणा ने जोगिंद्र से कहा था कि वह केस दर्ज किए बिना ही इस शिकायत का निपटारा कर देगा। इसकी एवज में उसे 10 हजार रुपये रिश्वत देनी होगी। तब जोगिंद्र से उसने दो हजार रुपये मौके पर ही ले लिए थे। बाकी के आठ हजार रुपये देने के लिए दो-तीन दिन का समय दिया था।
इस पर जोगिंद्र ने मामले की शिकायत विजिलेंस के टोल फ्री नंबर पर कर दी। जहां से सूचना यमुनानगर टीम को दी गई और ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। विजिलेंस की टीम ने रविवार को लगभग साढ़े तीन बजे इंस्पेक्टर अमित कुमार के नेतृत्व में खेड़ी लक्खा सिंह चौकी में रेड की। नोटों पर पहले से रंग लगा हुआ था। जैसे ही जोगिंद्र ने टीम को रुपये देने का इशारा किया तो विजिलेंस ने कंवल राणा को गिरफ्तार किया।
मार्च में तीन पुलिसकर्मी समेत पांच गिरफ्तार
मार्च का महीना खाकी पर भारी रहा। मार्च माह में थाना साढौरा के एसएचओ धर्मपाल को विजिलेंस ने सबसे पहले 50 हजार रुपये की रिश्वत के साथ काबू किया था। वह ओवरलोड वाहनों की एवज में ट्रांसपोर्टरों से रिश्वत ले रहे थे। इसके बाद छछरौली थाना में चालक को जेसीबी छोड़ने की एवज में 10500 रुपये लेते हुए पकड़ा था। इसके बाद 17 मार्च को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अकाउंटेंट विकास व क्लर्क आजाद को गिरफ्तार किया था। अब खेड़ी लक्खा सिंह चौकी इंचार्ज को पकड़ा गया है।