जगाधरी इंदिरा मार्केट के फोटोग्राफर संजीव बजाज (43) की सड़क हादसे में मौत हो गई। लेकिन मरणोपरांत संजीव दो लोगों की दुनिया रोशन कर गए। संजीव के पोस्टमार्टम के दौरान परिजनों ने उनकी आंखें दान करने का फैसला किया। पेशे से फोटोग्राफर रहे संजीव पहले कैमरे से लोगों के खुशी हो या गम हर पलों को कैद कर उन्हें सजीव रूप देते थे। अब यही काम उनके मरणोपरांत उनकी दो आखें अन्य दो लोगों के लिए करेंगी।
शुक्रवार अलसुबह स्टेट हाईवे सहारनपुर-कुरुक्षेत्र पर गांव रतनगढ़ टोल प्लाजा के समीप कैंटर की टक्कर लगने से कार सवार फोटोग्राफर संजीव बजाज व उनके साथी जगाधरी निवासी अमरनाथ (55) की मौत हुई। जबकि कार में सवार अन्य तीन साथी अनिल, दीपक व शिवम गंभीर रूप से घायल हो गए। जो अस्पताल में उपचाराधीन हैं। हादसे को अंजाम देने के बाद आरोपी कैंटर चालक मौके से फरार हो गया। आसपास के लोगों से घायलों अनिल, दीपक व शिवम को अस्पताल पहुंचाया और हादसे की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के हवाले कर दिया वहीं, हादसे के बाद फरार कैंटर चालक के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
करनाल के इंद्री में शादी समारोह से लौट रहे थे पांचों
जगाधरी के हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी रविंद्र ने बताया उनका भाई संजीव उर्फ संजय (46) का इंदिरा मार्केट में फोटो स्टूडियो था। गुरुवार देर शाम वह अपने चार अन्य साथियों अमरनाथ, अनिल, दीपक व शिवम के साथ कार में सवार होकर करनाल के इंद्री के समीप किसी पैलेस में शादी समारोह में गया था। शुक्रवार अल सुबह पांचों लोग शादी समारोह से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में गांव रतनगढ़ के टोल-प्लाजा के समीप सामने से आ रहे तेज रफ्तार कैंटर ने उनकी कार में टक्कर मार दी। टक्कर लगने से कार के परखचे उड़ गए और उसमें सवार उनके भाई संजीव उर्फ संजय और जगाधरी निवासी अमरनाथ की मौके पर मौत हो गई। जबकि अनिल, दीपक व शिवम गंभीर रूप से घायल हो गए।
चींख-पुकार सुन मदद को आगे आए लोग
कैंटर की टक्कर से कार के पूरी तरह परखचे उड़ गए और उसमें सवार लोग मदद के लिए चीख-पुकार करने लगे। इसे सुन आसपास के लोग समेत मार्ग से गुजरने वाले राहगीर और वाहन चालक रुककर घायलों की मदद के लिए आगे आए। उन्होंने कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया, जहां संजीव उर्फ संजय व अमरनाथ को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। जबकि अनिल, दीपक व शिवम अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
पोस्टमार्टम के दौरान किया नेत्रदान का फैसला
यमुनानगर सिविल अस्पताल में हादसे में मारे गए लोगों के पोस्टमार्टम के दौरान जैन नेत्रदान केंद्र के डॉ. विक्रम भारती व संदीप जैन पहुंचे। उन्होंने परिजनों को मृतकों के नेत्रदान करने का आग्रह किया। इस पर संजीव के परिजनों में भाई रविंद्र ने मृतक संजीव के नेत्रदान कराने का फैसला लिया। इसके बाद केंद्र की टीम ने नेत्रदान कराया। संदीप जैन ने कहा कि संजीव के मरणोपरांत नेत्रदान से उनकी दों आंखों से दो लोग दुनिया देख सकेंगे।