दहेज की मांग पूरी न होने पर ससुराल पक्ष के लोगों ने दो स्थानों पर विवाहिताओं को पीटकर घर से निकाल दिया। पुलिस ने पीड़ित महिलाओं की शिकायत पर ससुराल पक्ष के दर्जन भर लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न के आरोप में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी। थाना छछरौली पुलिस को दी शिकायत में गांव तुगलपुर निवासी कृष्णा ने बताया कि उसकी शादी 24 फरवरी 2011 को हिमाचल प्रदेश के गांव माजरा निवासी उमेश कुमार के साथ हुई थी। शादी के कुछ समय तक सब कुछ ठीक-ठाक चलता रहा, किंतु बाद में पति व ससुराल पक्ष के लोग दहेज की मांग करने लगे। मगर दहेज देने में उसके मायके वाले असमर्थ थे। आरोप है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर आरोपियों ने उसे पीटकर घर से निकाल दिया और बिना दहेज वापस आने पर जान से मारने की धमकी दी। इस बारे में मायके पहुंचकर परिजनों की मदद से पुलिस को शिकायत दी गई। पुलिस ने जांच के बाद लेखराम, कमला देवी, राकेश कुमार, सुमन देवी तथा गांव खैरी निवासी अंजना देवी व राजकुमार के खिलाफ दहेज उत्पीड़न के आरोप में केस दर्ज कर लिया।
उधर, आर्यनगर कॉलोनी निवासी रमन ने थाना फर्कपुर पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी शादी 2015 में अंबाला कैंट निवासी मुकेश कुमार के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग दहेज की मांग करने लगे, मगर दहेज देने में मायके वाले असमर्थ थे। आरोप है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर पति मनोज कुमार समेत ससुराल पक्ष के सदस्यों कुलदीप शर्मा, मीनु शर्मा व अश्वनी शर्मा ने उसे पीटकर घर से निकाल दिया। उसने मायके पहुंचकर घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ दहेत उत्पीड़न के आरोप में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।