उत्तर प्रदेश के नकुड़ के गांव ईस्माइलपुर में गर्भवती महिला के गर्भ में पल रहे भ्रूण की लिंग जांच कराने वाले दलाल को यमुनानगर व कुरुक्षेत्र स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप दलाल के पास से तीन हजार रुपये भी बरामद किए गए हैं। कलानौर चौकी पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कुरुक्षेत्र स्वास्थ्य विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि अंबाला से कुछ लोग गर्भवती महिलाओं के गर्भ में पल रहे भ्रूण की लिंग जांच कराते हैं। इसके लिए टीम का गठन किया गया। कुरुक्षेत्र स्वास्थ्य विभाग से डॉ. गौरव बंसल, डॉ. प्रदीप व डॉ. ऋषि टीम में शामिल रहे। अंबाला से एक गर्भवती महिला को डिकोय बनाया गया। पूरी तैयारी होने के बाद डिकोय को निर्धारित स्थान पर भेजा गया।
अंबाला से सचिन नाम का दलाल गाड़ी में डिकोय के साथ बैठ गया। वह गाड़ी को उत्तर प्रदेश के नकुड़ के गांव ईस्माइलपुर लेकर गए। जहां पर किसी प्राइवेट घर में महिला को ले जाया गया। इस घर में भ्रूण लिंग जांच करने के लिए बाहर से किसी को बुलाया गया। जांच के बाद उसने महिला को बताया कि उसके पेट में जो बच्चा है वह लड़का है।
इसके बाद दलाल महिला को साथ लेकर कलानौर बॉर्डर से वापस लौट रहा था। इसकी सूचना कुरुक्षेत्र टीम ने यमुनानगर की टीम को दी गई। जिले से टीम में डॉ. विपिन गोंदवाल और डॉ. पुनीत कालड़ा शामिल हुए। दोनों जिलों के डॉक्टरों ने पुलिस के सहयोग से कलानौर बॉर्डर के नजदीक दलाल की गाड़ी को रोक कर उसे पकड़ लिया। जांच में पता चला कि आरोपी सचिन नकुड़ क्षेत्र का रहने वाला है और बैंक में काम करता है।
डॉ. पुनीत कालड़ा ने बताया कि भ्रूण लिंग जांच कराने का सौदा 28 हजार रुपये में तय हुआ था। आरोपी ने 10 हजार पहले गूगल पे करवा लिए थे। बाकी के 18 हजार रुपये दलाल ने मंगलवार को लिए थे। उन्होंने बताया कि आरोपी सचिन के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।