हरियाणा के यमुनानगर जिले के बिजली निगम में बिलासपुर के बाद अब जगाधरी डिवीजन में भी फर्जीवाड़ा सामने आया है। जगाधरी एक्सईएन कार्यालय में फिलहाल 25 लाख रुपये के फर्जी वाउचर मिले हैं। यह वाउचर बिलासपुर डिवीजन में कार्यरत लोअर डिविजनल क्लर्क राघव वधवा व अकाउंटेंट योगेश लांबा ने वर्ष 2016 में उस वक्त काटे थे, जब वह जगाधरी एक्सईएन कार्यालय में कार्यरत थे। फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद राघव वधवा व योगेश लांबा पर एफआईआर दर्ज करने के लिए एक्सईएन जगाधरी भूपेंद्र सिंह ने थाना शहर यमुनानगर में शिकायत दी है। साथ ही बिजली निगम ने राघव और योगेश को सस्पेंड कर दिया है।
आरोपी थर्ड पार्टी को देते थे मोटा कमीशन
सेवानिवृत कर्मचारियों को पेंशन, ग्रेचुएटी व अन्य भत्तों का भुगतान करने के नाम पर योगेश लांबा व राघव वधवा द्वारा थर्ड पार्टी के खातों में रकम जमा कराई जाती थी। इसके बदले में थर्ड पार्टी को हजारों रुपये मोटा कमीशन दिया जाता था। बिना किसी मेहनत के खाता धारक को हजारों रुपये मिल जाते थे। अपना कमीशन रखने के बाद वह बकाया राशि आरोपियों को लौटा देते थे। जिन लोगों के खातों में रुपये जमा हुए हैं। अब पानीपत की सीआईए-टू उन सभी का रिकार्ड जुटा रही है।
उत्तर प्रदेश में भी खातों में जमा की गई राशि
करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़े के तार यमुनानगर ही नहीं बल्कि पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के जिला सहारनपुर से भी जुड़े हैं। क्योंकि राघव वधवा सहारनपुर के नुमाइश कैंप का रहने वाला है। पानीपत की सीआईए-टू ने एक दिन पहले ही नुमाइश कैंप में भी दबिश दी थी। वहां पर 20 से 25 लोगों के खातों में राघव द्वारा लाखों रुपये जमा कराए गए। सीआईए उन लोगों का रिकार्ड जुटा रही है जिनके खातों में राशि जमा की गई। उनसे यह पूछा जाएगा कि इसके लिए उन्हें कितना कमीशन दिया जाता था। सीआईए की एक टीम अभी सहारनपुर में डेरा डाले हुए है।
अब तीन थानों में होगी मामले की जांच
इस केस की जांच अब एक-दो नहीं बल्कि तीन थानों की पुलिस करेगी। इसमें पहली शिकायत जिला पानीपत के थाना समालखा में आठ फरवरी को दर्ज हुई थी। जिसकी जांच सीआईए-टू को सौंपी गई। इसके बाद 18 फरवरी को थाना बिलासपुर में एक्सईएन नीरज कांबोज ने चार-पांच महीने में 63 लाख रुपये की हेराफेरी करने का आरोप लगाते हुए क्लर्क राघव वधवा, अकाउंटेंट योगेश लांबा, डिप्टी सुपरिटेंडेंट राकेश नंदा व अब समालखा में तैनात डिप्टी सुपरिटेंडेंट चक्रवर्ती शर्मा पर केस दर्ज कराया था।
वहीं अब थाना शहर यमुनानगर में शिकायत दी गई है। ज्ञात हो कि पानीपत के इसराना में रहने वाले टैक्सी चालक ने थाना समालखा में केस दर्ज कराया था कि लोन के नाम पर उसके बैंक खाते में करीब तीन लाख रुपये जमा कराए गए। बाद में एक व्यक्ति ने उनसे वह रुपये यह कहकर ले गया कि उसके खाते में वह राशि गलती से आ गई थी। जांच करने पर पता चला कि उसके खाते में जो रुपये जमा हुए थे वह बैंक के न होकर बिजली निगम के थे। उसकी शिकायत के बाद फर्जीवाड़े की परत-दर-परत खुल रही है।
25 लाख के फर्जी वाउचर मिले हैं : राजिंद्र सिंह
बिजली निगम के एसई राजिंद्र सिंह का कहना है कि जगाधरी एक्सईएन कार्यालय में करीब 25 लाख रुपये के पांच फर्जी वाउचर मिले हैं। एक्सईएन की तरफ से राघव व योगेश के खिलाफ थाना शहर यमुनानगर में शिकायत दी गई है।