एसपी डॉ. अरुण सिंह ने बताया कि गांव दौलतपुर में पांच अक्तूबर को निवर्तमान सरपंच व उसके लड़कों द्वारा बासो देवी के घर में घुस उसके लड़के से झगड़ा करने पर छुड़ाने आई बासो देवी को चोटे मारने बारे में 16 अक्तूबर को थाना रादौर में केस दर्ज किया था।
निवर्तमान सरपंच रामस्वरूप व उसके लडकों विनोद व चंद्रभान को 18 अक्तूबर को गिरफ्तार कर लिया गया था। जबकि 20 अक्तूबर को रात के समय करीब नौ बजे मृतक रजत ने शराब पीकर माता-पिता के साथ झगड़ा करके खुद पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली थी, लेकिन मृतक रजत के पिता केहर सिंह ने रामस्वरूप सरपंच व इसके लडकों के खिलाफ 21 अक्तूबर को धारा 302, 149 आईपीसी के तहत थाना रादौर केस दर्ज कराया।
एसपी ने रविवार को अपने कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि मामले की तफ्तीश में पाया गया कि 20 अक्तूबर को निरीक्षक विरेंदर सिंह प्रबंधक थाना रादौर के मोबाइल फोन पर मृतक के भाई रवि ने रात करीब 8:25 बजे फोन किया था कि उसके भाई रजत ने बहुत ज्यादा शराब पी रखी है, जो घर पर उसके माता-पिता को पीट रहा है। उसे पकड़ कर ले जाओ, मैं इस समय मुलाना में हूं।
इस सूचना पर थाना रादौर से एसआई ब्रहमपाल, हेड कांस्टेबल विरेंद्र कुमार सरकारी जिप्सी में मौके पर गए। जो मृतक रजत जली हुई हालात में अपनी गली में पड़ा था, जिसके पिता केहर सिंह ने बताया कि उसने रजत को अस्पताल ले जाने के लिए गांव में कई लोगों को गाड़ी देने के लिए कहा, तो किसी ने नहीं दी।
पुलिस ने मृतक को अपनी सरकारी जिप्सी में लेटाया और एंबुलेंस को बुलाकर रास्ते में मृतक को एंबुलेंस में अस्पताल भेजा। इससे एंबुलेंस पहले रादौर सीएचसी में ले गई, जहां उसे सिविल अस्पताल यमुनानगर रेफर किया गया। एसपी ने बताया कि मृतक रजत शराब पीने का आदी था, जो शराब पीकर गांव के लोगों से झगड़ा करता था और पांच अक्तूबर को रजत ने सरपंच रामसरूप के लड़के विनोद के साथ शराब पीकर झगड़ा किया था।
इस झगड़ा में छुड़वाने आई मृतक रजत की माता को चोटे लगी थी। इस संबंध में एक्सरे रिपोर्ट आने पर 16 अक्तूबर को धारा 323, 325, 452 आईपीसी के तहत थाना रादौर में केस दर्ज किया गया। इसमें 18 अक्तूबर को हेड कांस्टेबल राजेंद्र कुमार ने सरपंच रामसरूप व उसके लड़कों विनोद वा चंद्रभान को गिरफतार कर लिया। इनको मजिस्ट्रेट ने 20 अक्तूबर तक के लिए जगाधरी जेल में भेज दिया, तीनों जगाधरी जेल से रात 7:30 पर रिहा हुए।
उन्होंने बताया कि जब वह अपने रिश्तेदारों के साथ गांव आने के लिए हड़तान सुभाष किरयाना स्टोर पर पंहुचे तो उन्हें घर से फोन आया कि मृतक रजत ने आग लगा ली है, आप गांव में न आएं। रामसरूप सरपंच अपने लड़कों व रिश्तेदारों के साथ थाना में आ गए और उन्होंने बताया कि उन पर आग लगाने का आरोप रंजिश की वजह से लगाया जा रहा है।
एसपी ने बताया कि तफतीश में यह बात भी सामने आई है कि मृतक रजत ने 20 अक्तूबर को दिन में ही शराब पीनी शुरू कर दी थी और गांव में उसने एक-दो व्यक्तियों के साथ गाली-गलोच भी की थी। गांव में मृतक के परिवार के अलावा अन्य कोई भी व्यक्ति यह नहीं कहता कि सरपंच रामस्वरूप या उसके लड़कों ने मृतक रजत को आग लगाई। मृतक रजत ने अपने माता-पिता से लड़कर शराब के नशे में अपने घर के आंगन में खुद आग लगाई है। सरपंच व उसके दोनों लड़कों का नाम रंजिश की बिनाह पर झुठा लिखवाया गया है।
उन्होंने बताया कि अब तक की तफ्तीश व तस्दीक में मृतक रजत ने स्वयं शराब पीकर खुद को आग लगाई है। घर में पड़ी तेल की पीपी भी इन्ही के घर से मिली है, जो मुकदमा का मुदई व उत्तरवादी राम स्वरूप सरपंच दोनों अनुसूचित जाति से संबंध रखते हैं। अभियोग का अनुसंधान सुभाष चंद, उप पुलिस अधीक्षक बिलासपुर की अध्यक्षता में एक विशेष टीम (एसआईटी) गठित कर अमल में लाया जा रहा है।