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डिलीवरी के केस में जच्चा बच्चा की मौत के केस में महिला डॉक्टर के खिलाफ एफआइआर

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बिलासपुर। गांव रणजीतपुर में स्थित बाबू राम अस्पताल की महिला चिकित्सक के खिलाफ पुलिस ने डिलीवरी के दौरान लापरवाही बरतने से हुई जच्चा बच्चा की मौत को लेकर एफआईआर दर्ज की है। जिला स्तर पर बनाई गई जिला नेगेलीजेंसी कमेटी की रिपोर्ट मिलने के बाद एफआईआर की गई है। सीएमओ की तरफ से दी गई रिपोर्ट में जच्चा-बच्चा की मौत के लिए डॉ. दीपा की लापरवाही बताई गई। जिसके आधार पर पुलिस ने केस दर्ज किया है।
पुलिस को दी शिकायत में मृतक महिला निशा की बुआ ने मीना रानी ने बताया था कि उसकी भतीजी निशा की शादी 2014 में गांव काठगढ़ निवासी अर्जुन सिंह के साथ हुई थी। निशा के पास एक तीन वर्षीय लड़का है। दूसरा बच्चा पैदा होने वाला था। निशा का उपचार सिविल अस्पताल जगाधरी में चल रहा था। जहां चिकित्सकों ने निशा की डिलीवरी की तारीख अप्रैल माह के पहले सप्ताह की दी हुई थी। 31 मार्च को अचानक निशा को दर्द हुआ, तो परिवार के सदस्य उसे चेकअप के लिए बाबू राम अस्पताल में ले गए। जहां चिकित्सक ने जांच करके घर भेज दिया। अगले दिन एक महिला कर्मचारी शाम को निशा के घर गई और कहा कि आपको डॉक्टर ने अस्पताल में बुलाया है और कहा कि वे आपकी नॉर्मल डिलीवरी करा देंगे। निशा अपनी सास व बुआ के साथ बाबूराम अस्पताल में चली गई। डॉक्टर ने उसे अस्पताल में दाखिल कर लिया। रात करीब 10 बजे निशा की तबीयत बिगड़नी शुरू हो गई। तो उन्होंने डॉक्टर को बुलाया तो उन्होंने कहा कि घबराने की कोई बात नहीं है। रात करीब 12 बजे निशा की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। डॉक्टर ने वार्ड में ही डिलीवरी करानी शुरू कर दी। उनका आरोप था कि महिला चिकित्सक ने उपचार के दौरान लापरवाही बरतते हुए निशा की डिलीवरी कर दी। जिससे बच्चे की प्रसव के दौरान ही मौत हो गई और निशा भी बेहोश हो गई। निशा की तबीयत ज्यादा खराब होने पर कुछ समय के पश्चात उसकी भी मौत हो गई।
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सुबह तक कार में पड़ा रहा था शव
अस्पताल प्रबंधन की तरफ से रात दो बजे निशा को अपनी कार में डालकर उनके साथ किसी दूसरे डॉक्टर के पास ले जाया जा रहा था। कार में निशा को लेकर डॉक्टर मेन सड़क पर पहुंचा और कहने लगा की इसकी मौत हो चुकी है आप शोर न मचाए। रात दो बजे से लेकर 10 बजे तक निशा का शव कार में ही पड़ा रहा। इस दौरान महिला के परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया था। बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को शांत करवाया था।
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कमेटी की जांच में महिला चिकित्सक को उपचार के दौरान लापरवाही बरतने का आरोप सही पाया गया। जिसके आधार पर महिला चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई करने बारे रिपोर्ट प्रस्तुत की थी।-डॉ. कुलदीप सिंह, सीएमओ

-जिला नेगेलिजेंसी कमेटी की रिपोर्ट मिल गई है। मृतक निशा की बुआ मीना की शिकायत पर महिला चिकित्सक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
-सुनील, एसएचओ, बिलासपुर थाना
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