चार दिन से बिजली न आने पर ग्रामीण भड़के, हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। सुढैल एरिया में चार दिन से बिजली न आने पर सोमवार रात ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने थाना सदर जगाधरी क्षेत्र के गांव कैल स्थित पावर हाउस में घुसकर जमकर हंगामा किया। सुनवाई न होता देख ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया। इधर, बिजली कर्मियों का आरोप है कि ग्रामीणों ने पावर हाउस में ड्यूटी पर तैनात पांच बिजली कर्मियों के साथ मारपीट की और सरकारी काम में बाधा पहुंचाई। बिजली निगम के एसडीओ की शिकायत पर पुलिस ने तीन लोगों को नामजद करते हुए 25 अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज किया है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि, सिर्फ बहस हुई थी।
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश सचिव हरपाल सिंह, सुढैल निवासी भीम सिंह और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि सुढैल क्षेत्र में चार दिन से बिजली सप्लाई बाधित थी। इस बारे में कई बार शिकायत की, लेकिन बिजली कर्मियों ने बिजली ठीक नहीं की। जिसके चलते किसानों की धान की फसल सूखने के कगार पर पहुंच गई। बिजली न आने पर रात को ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया। सुढैल और क्षेत्र के अन्य गांव के दो दर्जन से अधिक ग्रामीण देर रात करीब साढ़े दस बजे कैल खेड़ा स्थित पावर हाउस पर पहुंचे। यहां उन्होंने बिजली ठीक करने को लेकर बिजली कर्मियों से बातचीत करनी चाही तो उनकी कोई सुनवाई नहीं की। इधर, उन्हें पावर हाउस से बाहर निकलने की बात कहने लगे। जिसपर बिजली कर्मियों और ग्रामीणों के बीच बहस हो गई। इधर, बिजली कर्मियों का आरोप है कि ग्रामीणों ने पावर हाउस में तैनात एएलएम शिव कुमार, एएलएम अमन कुमार, एएफएम ओमकार सिंह, एएफएम सतीश व प्रवीण कुमार के साथ मारपीट की और अभद्र व्यवहार कर सरकारी काम में बाधा पहुंचाई। ग्रामीणों के चले जाने के बाद बिजली कर्मचारियों ने एसडीओ और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने एसडीओ विशाल सैनी की शिकायत पर सुढैल निवासी भीम सिंह, संजीव व कैल निवासी बिंद्र को नामजद करते हुए 25 अन्य के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, मारपीट करने, जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया।
ग्रामीणों पर दर्ज केस रद न किए तो करेंगे आंदोलन
भाकियू के प्रदेश सचिव हरपाल सुढैल का कहना है कि बिजली विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों पर झूठा केस दर्ज कराया है। बिजली विभाग के कर्मचारियों ने ही ग्रामीणों को बाहर निकाला था और बिजली की समस्या को ठीक नहीं किया। ग्रामीणों और बिजली कर्मियों में इसी बात को लेकर बहस हुई। मारपीट व जान से मारने की धमकी देने के आरोप गलत लगाए गए हैं।
बिजली की समस्या को लेकर एक जुलाई की रात को ग्रामीण पावर हाउस पर पहुंचे थे। इस दौरान बिजली कर्मियों और ग्रामीणों के बीच बहसबा-मारपीट हुई। इसमें तीन को नामजद करते हुए 25 अन्य के खिलाफ केस दर्जकर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
-एसआई सुरेंद्र कुमार, जांच अधिकारी, थाना सदर जगाधरी।