हरियाणा के यमुनानगर जिले में 16 साल की नाबालिग को शादी का झांसा देकर भगाने और उसके साथ दुष्कर्म के दोषी अकरम को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय स्पेशल पॉक्सो की अदालत ने 10 साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 30 हजार रुपये जुर्माना भी किया है। जुर्माना न देने पर दोषी को दो महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
22 दिसंबर 2020 को सदर थाना यमुना नगर क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उसकी नाबालिग बेटी अंबाला के एक कॉलेज में पढ़ती है। 22 दिसंबर को वो घर से कॉलेज जाने के लिए निकली थी, लेकिन घर वापस नहीं आई। शिकायतकर्ता ने अकरम पर उसकी नाबालिग बेटी को गलत नीयत से शादी का झांसा देकर भगाने का आरोप लगाया।
पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद जांच शुरू कर दी थी। 24 दिसंबर को पुलिस ने किशोरी को पांसरा रेलवे फाटक के पास से बरामद कर लिया। पुलिस ने नाबालिग का मेडिकल करवाने के बाद उसके मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज करवाए।
यह भी पढ़ें : छह साल के मासूम की मौत: पिता के साथ कैंटर में मिट्टी भराई के लिए गया था, रेत के नीचे दबने से गई जान
अगले दिन पुलिस ने नाबालिग को शादी की नीयत से भगाने के आरोपी अकरम को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में अकरम ने पुलिस को बताया कि उसने नाबालिग को शादी का झांसा देकर जगाधरी बस स्टैंड में बुलाया। वहां से उसे लेकर गोल्डन टैंपल चला गया। एक दिन वहां रहने के बाद नाबालिग को लेकर सहारनपुर आ गया।
यहां रेलवे स्टेशन पर रुकने के बाद अगले दिन उसे लेकर यमुना नगर आ गया। यमुना नगर आने के बाद एक खेत में नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी उसे पांसरा फाटक के पास छोड़कर फरार हो गया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ चार पॉक्सो एक्ट और अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर उसे अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। इसी मामले में स्पेशल पॉक्सो अदालत ने सजा सुनाई है।