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डोर टू डोर कचरा कलेक्शन के नए टेंडर लगाने के लिए निगम ने यूएलबी को भेजे प्रपोजल

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फोटो- 21 व 22
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कचरे में ढेर से निजात मिलने की जगी उम्मीद
दो जोन बनाकर 22 वार्डों में लगाए जाएंगे टेंडर, डोर टू डोर कचरा कलेक्शन के नए टेंडर के लिए निगम ने यूएलबी को भेजे प्रपोजल
टेंडर खत्म होने से शहर में लगे कचरे के ढेर, शहरवासी हो रहे परेशान
- टेंडर खत्म होने पर निकाले गए कर्मचारी निगम कार्यालय के बाहर दे रहे धरना
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। टेंडर खत्म होने से शहर में लगे कचरे के ढेर से परेशान शहरवासियों को जल्द ही इससे निजात मिलने की उम्मीद है। डोर टू डोर कचरा उठान के लिए नए टेंडर के लिए नगर निगम ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। निगम के दोनों जोन के लिए अलग अलग टेंडर लगाए जाएंगे। प्रशासनिक मंजूरी के लिए नगर निगम द्वारा शहरी स्थानीय निकाय विभाग (यूएलबी) को प्रपोजल भेज दिए गए हैं। स्वच्छ सर्वेक्षण से पहले दोनों जोन में टेंडर लगाने की प्रक्रिया पूरी करने का निगम अधिकारी प्रयास कर रहे हैं। दोनों जोन की सफाई पर लगभग नौ से दस करोड़ रुपये सालाना खर्च आने का अनुमान है।
नगर निगम ने सफाई के लिए 22 वार्डों को दो जोन में बांटा हुआ है। जोन नंबर एक में 1 से 11 वार्ड है, जबकि जोन नंबर दो में वार्ड 12 से 22 है। जोन नंबर एक में डोर टू डोर कचरा उठान का टेंडर जल्द ही समाप्त होने वाला है। जबकि जोन नंबर दो में टेंडर की अवधि समाप्त हो चुकी है। बता दें टेंडर खत्म होने के बाद शहर की सफाई व्यवस्था बिल्कुल ही चरमराई हुई है। पॉश इलाकों समेत अधिकांश क्षेत्रों में इन दिनों डोर-टू-डोर कचरे का उठान नहीं हो पा रहा है। डस्टबिन गंदगी से अटे हुए पड़े हैं। कई-कई दिन तक घरों से कचरा नहीं उठ रहा है।
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पॉश इलाके प्रोफेसर कॉलोनी, मॉडल टाउन, मॉडल कॉलोनी समेत अन्य कॉलोनियों में भी जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं। कई सार्वजनिक स्थानों पर कचरे के ढेर लगे हुए देखें जा सकते है। कचरा सड़ने से क्षेत्र में दुर्गंध फैली हुई है। दुर्गंध के चलते यहां से निकलना मुश्किल हो रहा है। अब नगर निगम जल्द ही इसका समाधान करने जा रहा है। टेंडर की शर्तों के अनुसार ठेका लेने वाली एजेंसी को डोर टू डोर कचरा कलेक्शन के साथ कचरे की छंटाई व ढुलाई भी करनी होगी। निगम अधिकारियों का दावा है कि दोनों जोन का टेंडर होने के बाद शहर की सफाई व्यवस्था में काफी सुधार आएगा।
बाक्स
सालाना नौ से दस करोड़ खर्च का अनुमान
22 वार्डों को दो जोन में कचरा उठान का टेंडर अब तक क्लासिकल मैनपावर एंड कंस्ट्रक्शन सर्विसेज के पास था। संबंधित एजेंसी को डोर टू डोर कचरा कलेक्शन, कचरे की छंटाई व ढुलाई के लिए 1900 रुपये प्रति एमटी के हिसाब से दिया जा रहा है। इस एजेंसी की कार्यप्रणाली पर शुरू से ही सवाल उठते रहे हैं। निगम की ओर से एजेंसी की पेंमेंट न होने के कारण पहले कई दिन काम रुका रहा। कचरा प्रबंधन के लिए एजेंसी की ओर से औरंगाबाद में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाया हुआ है, लेकिन इन दिनों कचरा प्रोसेसिंग का काम भी बंद पड़ा है। अब निगम की ओर से नए सिरे से टेंडर लगाए जाने की योजना है। इस पर 9 से 10 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है।
अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं निकाले गए कर्मचारी
डोर-टू-डोर कचरा उठान का टेंडर खत्म होने के बाद कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। अब कर्मचारियों ने निगम प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया गया है। कर्मचारी नौकरी बहाली की मांग के लिए नगर निगम कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए है। जो रोजाना सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हैं। ठेका खत्म होने से शहर में सफाई व्यवस्था दिनोंदिन बिगड़ती जा रही है। यदि हालात ऐसे ही बने रहे तो सर्वेक्षण में इस बार भी पिछड़ने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
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कोट
डोर टू डोर कचरा उठान का जल्द ही टेंडर लगाया जाएगा। इसके लिए हमने शहरी स्थानीय निकाय विभाग (यूएलबी) को प्रपोजल भेज दिए हैं। प्रशासनिक मंजूरी मिलते ही टेंडर लगा दिए जाएंगे। शहर की सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए नगर निगम के कर्मचारी लगे हुए है। कचरे का नियमित उठान किया जा रहा है।
-मदन चौहान, मेयर
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