संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। महाराणा प्रताप चौक (पुराना कमानी चौक) से विश्वकर्मा चौक के बीच रेलवे ओवरब्रिज के नीचे अंडरपास बनना है। अंडरपास बनाने के लिए पीडब्ल्यूडी को कोई भी ठेकेदार नहीं मिल रहा है। पीडब्ल्यूडी की तरफ से कई बार टेंडर लगाया जा चुका है, लेकिन अभी तक यह सिरे नहीं चढ़ पाया। अब एक बार फिर से इसका टेंडर लगाने की तैयारी हो रही है।
रेलवे ओवरब्रिज के नीचे अंडरपास बनने पर करीब एक करोड़ छह लाख रुपये खर्च आएगा। रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) से नीचे उतरते हैं तो ढलान अधिक होने से वाहन बहुत तेज गति से महाराणा प्रताप चौक की तरफ आते हैं। इस पर पीडब्ल्यूडी ने आरओबी से करीब 100 मीटर तक सड़क के दोनों तरफ ग्रिल लगवाई थी, ताकि लोग आरओबी के नजदीक से सड़क पार न करें।
यह प्रयोग भी कामयाब नहीं हुआ। तीन फीट ऊंची इस ग्रिल को लोग आसानी से फांद कर सड़क के दूसरी तरफ जाने लगे। फिर ग्रिल को तोड़ दिया गया, जिसमें से बाइक व साइकिल सवार भी निकलने लगे। अब दाएं-बाएं से बाइक सवार अचानक सड़क पर आते हैं और हादसा हो जाता है। इसी जगह पर 17 अप्रैल को डंपर ने तीन साल के बच्चे को को कुचल दिया था। इसके बाद उस पर ट्राली में लदी लकड़ियां गिर गई थी।
महाराणा प्रताप चौक से रेलवे ओवरब्रिज के बीच का हिस्सा ब्लैक स्पॉट है। इंडस्ट्रियल एरिया, विजय कॉलोनी से कुलदीप नगर व गांधी नगर की तरफ दर्जनों कॉलोनियां हैं। जिनमें 50 हजार से ज्यादा लोग रहते हैं। इन कॉलोनियों के लोग इंडस्ट्रियल एरिया, सब्जी मंडी के अलावा पुराना रादौर रोड, नगर निगम कार्यालय व स्टेशन रोड की तरफ जाने के लिए सड़क को पार करते हैं।
इस सड़क से शहर के अलावा कुरुक्षेत्र, पानीपत, करनाल, दिल्ली और उत्तर प्रदेश की तरफ से भी वाहनों का आना जाना है। यहां 36 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। रेलवे ओवरब्रिज के नीचे पहले अंडरपास था। परंतु इंडस्ट्रियल एरिया में जाने वाले भारी वाहन भी निकलने लगे थे। साथ ही बारिश का पानी भी भरने लगा था। रेलवे ओवरब्रिज को खतरा देखते हुए करीब 11 साल पहले अंडरपास के दोनों तरफ दीवार कर इसे बंद कर दिया था।
रेलवे ओवरब्रिज के नीचे अंडरपास बनाना है। इसके लिए कई बार टेंडर लगाया जा चुका है। इस बार केवल एक ही ठेकेदार ने टेंडर भरा था। अब दोबारा टेंडर लगा रहे हैं। उम्मीद है इस बार निर्माण के लिए ठेकेदार। - पुनीत मित्तल, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी।