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Yamuna Nagar News: विकास कार्यों के लिए नहीं मिल रहे ठेकेदार, स्थानीय लोगों का बढ़ा इंतजार

Mon, 28 Apr 2025 12:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। शहर के विकास के लिए नगर निगम को ठेकेदार नहीं मिल रहे। निगम की ओर से धड़ाधड़ विकास कार्यों के टेंडर तो लगाए जा रहे हैं पर एजेंसियां या ठेकेदार आगे नहीं आ रहे हैं। ऐसे में नगर निगम अफसरों की कार्रवाई टेंडर रिकॉल करने तक सिमट गई है। वहीं संबंधित क्षेत्र के लोगों का विकास कार्यों के लिए इंतजार बढ़ रहा है।
नगर निगम की ओर से 68.53 लाख रुपये के टेंडर रिकॉल किए गए हैं, जिनमें वार्ड चार, नौ, 13, 14, 15 के विभिन्न विकास कार्य शामिल हैं। नगर निगम की ओर से जिन कामों के टेंडर रिकॉल किए गए हैं, उनमें वार्ड चार के गांव बूड़िया में 7.58 लाख रुपये से जलघर में शौचालय का निर्माण होगा।
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वार्ड नौ में 11.52 लाख रुपये से माखन ज्वेलर से ओबरॉय चौक तक आरसीसी नाले का निर्माण और ईस्ट भाटिया नगर में लक्ष्मी नारायण मंदिर से केशव पार्क तक 250 एमएम डाया की एनपी-2 पाइप बिछाने का काम होना है। वार्ड नौ की ही लाल द्वारा कॉलोनी में 14.10 लाख रुपये से लाल द्वारा मंदिर से वृद्धाश्रम तक 300 एमएम डाया की एनपी-3 पाइप बिछेगी।
वार्ड-13 की जम्मू कॉलोनी में 3.10 लाख रुपये से वर्षा के घर से जय भगवान के घर तक 250 एमएम डाया के एनपी-2 पाइप बिछाने का काम होगा।
वार्ड-13 के गांव ममीदी में 7.91 लाख रुपये से ब्रह्मदत्त के घर से अतुल त्यागी के घर और जेठाराम के घर व ओमप्रकाश के घर तक गली व नाली का निर्माण होना है।वार्ड-13 में 15.45 लाख रुपये से जम्मू कॉलोनी के लाडो पार्क व शहीद रॉकी हर्बल पार्क में स्वागत द्वार का निर्माण होना है।
वार्ड-14 में 5.87 लाख रुपये से पुराना हमीदा में पानी की टंकी के पास गली नंबर-2 में नाली का निर्माण होगा। वार्ड-15 की न्यू मार्केट में तीन लाख रुपये से सुभाष गली स्थित पवन मग्गो के घर से तेजेंद्र सिंह के घर तक एनपी-2 पाइप बिछेंगे।
जटिल नियम और शर्तें कम रुझान की वजह

कई कामों के टेंडर की प्रक्रिया वर्षों बाद भी पूरी नहीं हो पाई है, क्योंकि उनमें ठेकेदार व एजेंसी आगे नहीं आए। इसकी एक बड़ी एक ठेकेदार ने टेंडर के जटिल नियमों व शर्तों को बताया। बताया कि अधिकांश ठेकेदार व एजेंसियां इन नियम-शर्तों को चाहकर भी पूरे नहीं कर पाते हैं, इसलिए वह टेंडर में बिड नहीं कर पाते। साथ ही टेंडर लेने पर पेमेंट भी समय पर नहीं हो पाती है। इन्हीं दिक्कतों के कारण शहर के विकास कार्यों को करने में ठेकेदार व एजेंसियों का टेंडर में रुझान नहीं दिख रहा।
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शहर के विकास कार्य नियमानुसार टेंडर प्रक्रिया के तहत होते हैं, इसलिए टेंडर लगाने जरूरी है। जिन कामों की टेंडर प्रक्रिया नियमों के कारण पूरी नहीं हो पाती, उनके टेंडर दोबारा लगाए जा रहे हैं। पूरा प्रयास किया जा रहा है कि काम जल्द शुरू व पूरे कराए जा सकें। - आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।
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