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चुनावी बिगुल के बाद दावेदारों ने कसी कमर

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Contenders tighten their backs after the election bugle - फोटो : Yamuna Nagar
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यमुनानगर/साढौरा। 22 साल बाद साढौरा नगरपालिका चुनाव के लिए तैयार है। सोमवार को चुनाव आयोग ने शेड्यूल जारी कर चुनाव की घोषणा कर दी। इसके बाद से साढौरा नपा क्षेत्र में चुनावी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। चुनावी मैदान में उतरने के इच्छुक आजाद उम्मीदवारों से लेकर साढौरा में राजनीतिक पार्टियों के दफ्तरों पर भी चुनावी रंग चढ़ा दिख रहा है। साढौरा के लोग भी चुनावी प्रक्रिया से लेकर मैदान में उतरने वाले उम्मीदवारों की जानकारी जुुटाते नजर आए। बता दें कि साढौरा में कुल 13 वार्ड में पार्षद पद के लिए उम्मीदवार मैदान में उतरेंगे। जिनके भाग्य का फैसला साढौरा के 10,513 वोटर करेंगे।
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चार वार्ड महिला व तीन अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित
साढौरा नगरपालिका के होने वाले चुनाव के लिए कुल 13 वार्डों में से चार महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। ड्रॉ के मुताबिक वार्ड 1, 2, 3 व 4 महिलाओं के लिए आरक्षित है। वार्ड 7, 11 व 12 अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। जबकि वार्ड 5, 6, 8, 9 10 व 13 को सामान्य वर्ग के लिए रखा है। बता दें कि चुनाव के लिए साढौरा में ईवीएम मशीन पहले ही भेजी जा चुकी है।
चुनाव का शेड्यूल
प्रक्रिया तारीख
नामांकन 30 मई से चार जून
छंटनी 06 जून
नामांकन वापसी 07 जून
मतदान 19 जून
मतगणना 22 जून
साढौरा नगरपालिका का इतिहास
साढौरा के बुजुर्गों से सुनने में आता है कि लाहौर और साढौरा की नगरपालिका का गठन एक साथ हुआ था। बहुत साल नगरपालिका का कार्यकाल कस्बा में स्थापित रहा, पर आमदनी का जरिया न होने से वर्ष-2000 में नगरपालिका भंग कर ग्राम पंचायत बहाल हुई। भाजपा सरकार ने नवंबर-2018 में पंचायत का कार्यकाल खत्म होने पर फिर से नगरपालिका की अधिसूचना जारी की। 22 साल बाद फिर से साढौरा को नगरपालिका का प्रधान व वार्ड पार्षद मिलेगा।
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नगरपालिका बनाने का लोगों ने किया था विरोध
नगरपालिका की अधिसूचना जारी होने पर पंचायत संघर्ष समिति का गठन किया था, जिन्होंने जगह-जगह जाकर नगरपालिका बनाए जाने की विरोध किया और साढौरा में पंचायत बहाल रखने को ज्ञापन भी दिए। नगरपालिका क्षेत्र में सफाई, नालों की सफाई, गंदे पानी की निकासी, स्ट्रीट लाइटों का खराब होना प्रमुख मुद्दे हैं।
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