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Yamuna Nagar News: मिट्टी के गणपति किए स्थापित, टब में होगा विसर्जन

Mon, 21 Sep 2026 12:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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गणपति की प्रतिमा। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। मॉडल टाउन में सड़क के किनारे सजाए गए गणपति पंडाल में स्थापित गणपति की प्रतिमा मिट्टी से तैयार की गई है। प्रतिमा की ऊंचाई 24 इंच है। पिछले वर्ष भी 24 इंच की प्रतिमा स्थापित की गई थी। उन्होंने बताया कि गणपति की प्रतिमा का विसर्जन नदी में करने के बजाय घर में रखे बड़े टब में किया जाता है।
कॉलोनी निवासी सीपी छिब्बर ने बताया कि नदियों में प्रतिमाओं के विसर्जन के बाद कई बार मूर्तियां किनारों पर पड़ी रह जाती हैं, जिससे श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचती है। इसी कारण उन्होंने लोगों से मिट्टी की प्रतिमाएं स्थापित करने और प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनी मूर्तियों का इस्तेमाल न करने की अपील की है। मिट्टी की प्रतिमा का घर में ही किए जाने से पर्यावरण को भी कोई नुकसान नहीं होता।
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पिछले दो वर्षों से कॉलोनी के लोगों की ओर से गणपति पंडाल सजाया जा रहा है। पंडाल में सुबह और शाम विशेष कीर्तन व आरती का आयोजन होता है। इस दौरान रास्ते से गुजरने वाले लोग भी रुककर आरती में शामिल होते हैं और भगवान गणेश का आशीर्वाद लेते हैं। आरती के बाद श्रद्धालुओं को लड्डुओं का प्रसाद वितरित किया जाता है।
कॉलोनी निवासी हेमंत शर्मा, आरती बतरा, अर्जन सैनी, इंद्रजीत सिंह मक्कड़ और बिट्टू नागपाल ने बताया कि लोगों के सहयोग से पंडाल की व्यवस्था की गई है। पिछले कई वर्षों से गणपति पंडाल लगाने को लेकर विचार-विमर्श किया जा रहा था। पिछले वर्ष इसकी शुरुआत की गई थी और इस बार भी श्रद्धा व उत्साह के साथ भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई है।
लोगों ने बताया कि गणपति की प्रतिमा को ढोल-बाजों के साथ पंडाल में लाया गया था। स्थापना से पहले सनातन धर्म कीर्तन मंडली की ओर से हवन यज्ञ और कीर्तन किया गया। विधि-विधान से स्थापना के बाद भगवान गणेश को लड्डुओं का भोग लगाया गया और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
पंडाल में सुबह 10 बजे और शाम 7 बजे आरती का आयोजन किया जाता है। दोनों समय सनातन धर्म कीर्तन मंडली की ओर से भजन-कीर्तन किया जाता है। आरती के दौरान कॉलोनी के लोगों के साथ सड़क से गुजरने वाले राहगीर भी पंडाल में रुककर पूजा-अर्चना करते हैं। गणपति को लड्डू, हलवा और फलों का भोग लगाया जाता है।
पंडाल में गणपति के साथ कलश भी स्थापित किया गया है। राधा अष्टमी के अवसर पर राधा-कृष्ण और लड्डू गोपाल की प्रतिमाएं भी स्थापित की गई हैं। आरती के दौरान लड्डू गोपाल को पालने में झुलाया जाता है। इसमें श्रद्धालु और कॉलोनी के लोग उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं।
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विसर्जन नजदीक आने से भावुक हो रहे श्रद्धालु
कॉलोनी के लोगों ने बताया कि गणपति विसर्जन का दिन नजदीक आने के साथ ही श्रद्धालु भावुक होने लगे हैं। उन्होंने कहा कि गणपति की स्थापना के बाद से पंडाल में श्रद्धालुओं की आस्था लगातार बढ़ी है। लोगों का मानना है कि भगवान गणेश की पूजा-अर्चना से उनकी मनोकामनाएं पूरी हो रही हैं। विसर्जन के बाद मिट्टी पानी में घुल जाने पर उस पानी के छींटे घरों में दिए जाते हैं और इसे घरों के बाहर बनी बगिया व पौधों में डाला जाता है।

गणपति की प्रतिमा। संवाद

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