जगाधरी। शिक्षा विभाग की ओर से बोर्ड की परीक्षा में कम परिणाम देने वाले स्कूलों के मुखियाओं की क्लास लगाई जाएगी। इसमें विभाग की ओर से मुखियाओं को अपने स्कूल के परीक्षा परिणाम को और बेहतर बनाने के तरीके बताए जाएंगे। विभाग ने कम परिणाम वाले स्कूलों की सूची भी तैयार की है। इसमें दसवीं में 33 और 12 वीं में 50 प्रतिशत से कम परिणाम देने वाले स्कूलों को शीर्ष श्रेणी में रखा गया है।
वहीं, न्यूनतम स्तर पर रहने वाले स्कूलों को शामिल किया गया। इसके लिए कई श्रेणियां बनाई गई हैं। जिसमें कंपार्टमेंट, किसी विशेष विषय में अनुतीर्ण, किसी विषय में कम अंक, प्रथम, द्वितीय व तृतीय श्रेणी में विद्यार्थियों की पास प्रतिशत को शामिल किया गया है। अधिकारी परिणाम का आकलन करेंगे और परीक्षा के दौरान हुई गलतियों में सुधार की गुंजाइश तलाश करेंगे। ताकि इस सत्र का परिणाम और बेहतर बनाया जा सके।
हालांकि पिछले साल दोनों बोर्ड की कक्षाओं का परिणाम शानदार रहा। इस दौरान दसवीं का परिणाम 95 प्रतिशत और 12वीं 92 प्रतिशत रहा। वहीं, मेरिट व प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों की संख्या भी पिछले साल सबसे ज्यादा रहा। यह शिक्षा विभाग व जिले का अब तक सर्वश्रेष्ठ परिणाम रहा है। विभाग इसे और अधिक बेहतर बनाने का प्रयास कर रहा है। विभाग पिछले साल आई कंपार्टमेंट में कमी लाने का प्रयास कर रहा है। वहीं, जिन स्कूलों परिणाम न्यूनतम रहा है वहां का परिणाम सुधारने के प्रयास किए जा रहे हैं। ताकि वार्षिक परिणाम में सुधार लाया जा सके। इसके लिए विभाग ने सभी स्कूलों के परिणाम की सूची तैयार कर ली है। इस विशेष कक्षा में बोर्ड व शिक्षा विभाग के अधिकारी स्कूल मुखियाओं को परिणाम में सुधार लाने के टिप्स देंगे।
जानकारी के अनुसार साल 2023 में बोर्ड निदेशक व अतिरिक्त सचिव ने 10वीं में 33 और 12वीं में 50 प्रतिशत से कम परिणाम देने वाले स्कूल मुखियाओं से सीधा संवाद किया था। वहीं निदेशालय ने परिणाम के प्रति स्कूल मुखियाओं की जबावदेही भी तय कर दी थी। इसके बाद कम परिणाम वाले स्कूलों के मुखियाओं से जवाब तलबी की भी गई थी। इसके चलते 2023-24 का परिणाम बेहतरीन रहा। लेकिन विभाग ने 2023 में पिछले साल (2022) के परिणाम से पिछड़ने वाले स्कूलों पर ध्यान दिया है। बता दें कि 2022-23 में फतेहपुर के उच्च विद्यालय स्कूल का परिणाम पिछले साल से 50 प्रतिशत से ज्यादा नीचे गिरा। पिछले साल जहां 97.22 प्रतिशत था और अब 48.65 प्रतिशत था। घोड़ो पिपली राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल का परिणाम पिछले साल से करीब 50 फीसदी कम था। पिछले साल परिणाम 100 प्रतिशत था, वहीं 2022-23 में कुल 51.85 प्रतिशत आया था। कलानौर हाईस्कूल का परिणाम 58.62 प्रतिशत रहा। जबकि पिछले साल यह 92.59 प्रतिशत था। जबकि छछरौली खंड के तारहपुर कलां के वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल का परिणाम 47.82 प्रतिशत है और उससे पहले साल करीब दोगुणा 93.61 प्रतिशत था। संवाद
-
वर्जन
स्कूलों के परिणामों की सूची तैयार की गई है। जिससे विषय अनुसार परिणाम की समीक्षा की जाएगी। जिन स्कूलों का परिणाम कम होगा उनके मुखियाओं को परिणाम बढ़ाने के टिप्स दिए जाएंगे। पिछला परिणाम बेहतरीन रहा, लेकिन इस बार विभाग शत प्रतिशत परिणाम का लक्ष्य लेकर चल रहा है।
धर्मेंद्र सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी।
-फोटो 58 : कार्यक्रम का शुभारंभ करते मुख्यातिथि डॉ. राजेश कुमार व साथ मौजूद प्राचार्य। स्रोत कॉ