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पेयजल की समस्या से नाराज धनौरा के ग्रामीणों ने लगाया जाम

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civics - फोटो : Yamuna Nagar
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(यमुनानगर) बिलासपुर। छह महीने से पेयजल की समस्या से जूझ रहे हिमाचल की सीमा से सटे धनौरा गांव के लोगों ने बुधवार को मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया। गांव में आपूर्ति के लिए लगे दोनों नलकूप काफी समय से खराब है। जिस कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालत यह कि लोगों को कई किलोमीटर दूर दूसरे गांवों से पानी भर कर लाना पड़ रहा है। इससे नाराज लोगों ने जाम लगा दिया। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और नाराज ग्रामीणों को समझाकर मार्ग खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने और अधिकारियों को मौके पर बुलाने की बात पर अड़े रहे। बाद में जलापूर्ति विभाग के एसडीओ मौके पर पहुंचे और उन्होंने लोगों को दस दिन के भीतर गांव में नया नलकूप लगाकर पानी सप्लाई बहाल करने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए और मार्ग खोला।
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धनौरा निवासी राज कुमार, बलविंद्र सिंह, दिनेश कुमार, सुशील कुमार, राज रानी, राज दुलारी, जसबीर सिंह ने बताया कि जलापूर्ति के लिए लगे दोनों नलकूप काफी समय से खराब हैं। सर्दियों में पानी की खपत कम होने के कारण ग्रामीणों ने गुजारा कर लिया, लेकिन अब मौसम बदलने के साथ ही पानी की लागत भी बढ़ गई है। जिस कारण लोगों को दूसरे गांवों से पानी लाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आधा दिन पानी भरने और ढोने में बीत जाता है। गांव के करीब साढ़े तीन सौ परिवार या तो किसानों के ट्यूबवेल के भरोसे हैं या दूसरे गांव से उन्हें पानी लाने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने कहा कि छह माह पहले गांव के दोनों नलकूप का बोरवेल ठप हो गया था। जिसके बाद से लोग पानी के लिए भटक रहे हैं।
वहीं नया बोरवेल होने तक विभाग ने गांव के किसान संत कुमार के ट्यूबवेल से पेयजल की सप्लाई जोड़ दी थी। छह माहत से इसी ट्यूबवेल से गांव में पानी आ रहा है, लेकिन अब किसान का कहना है कि उसे अपने खेत की सिंचाई करनी है। कुछ दिन पहले गांव में बोरवेल करने के लिए विभाग का ठेकेदार मशीन लेकर आया था। बुधवार को बिना ट्यूूबवेल लगाए ही ठेकेदार मशीन ले जाने लगा। ठेकेदार ने उन्हें बताया कि उसे विभाग ने केवल 600 फीट तक ही बोरवेल करने का ठेका दिया था। इतना बोरवेल करने के बाद भी पानी नहीं आया तो वह जा रहा है। जिस पर लोगों ने मशीन रोककर जाम लगा दिया। एसडीओ ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि 10 दिन में सर्वे करेंगे। इसके बाद नलकूप लगा दिया जाएगा। करीब दो सप्ताह पहले गांव में बोरवेल के लिए मशीन आई थी। मशीन से भूमि पर करीब छह सौ फीट तक बोरिंग की गई, लेकिन इतने गहरे बोर के बाद भी पानी नहीं निकला। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक विभाग नलकूप लगा जलापूर्ति नहीं बहाल नहीं करता तब तक मशीन गांव से बाहर नहीं जाने देंगे।
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