मौसम ने शुक्रवार सुबह फिर से करवट ली, सुबह के समय घना कोहर छाया, जिससे लोगों को काफी परेशानी हुई। सड़कों पर वाहन रेंगते हुए चले। हालांकि इसके बाद तेज धूप निकली। जिससे लोगों को ठंड से राहत मिली। जैसे-जैसे सूरज चढ़ता गया तो तेज हवाएं चली। हवाओं के साथ उड़ी धूल मिट्टी ने दिनभर लोगों को परेशान करके रखा। मौसम विभाग के अनुसार 23 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चली। शुक्रवार को जिले का अधिकतर तापमान 18 व न्यूनतम छह डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लोगों ने धूप का आनंद लिया। पार्कों व बाजारों में खूब चहल पहल देखी गई।
इस बार ज्यादा बारिश होने से सरसों की फसल व सब्जी को काफी नुकसान हुआ है। कृषि एवं कल्याण विभाग बारिश से हुए नुकसान का आंकलन करने में लगा है। जनवरी के पहले सप्ताह में जो बारिश हुई थी उसमें 15 प्रतिशत सरसों की फसल खराब हुई थी। जबकि इस सप्ताह हुई बारिश से 45 प्रतिशत सरसों को नुकसान हुआ है। इस तरह पकने से पहले ही सरसों की 60 प्रतिशत फसल खराब हो चुकी है। खेतों में सरसों को जमीन पर बिछते हुए देखा जा सकता है।
मौसम विभाग ने एक बार फिर से बारिश होने की संभावना जताई है। तीन व चार फरवरी को अच्छी बारिश हो सकती है। बारिश की आहट से ही किसानों की चिंता बढ़ गई है। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश महामंत्री रामबीर सिंह चौहान का कहना है कि अब तक खेतों से पिछले दिनों हुई बारिश का पानी खड़ा है। इस बार किसानों को प्राकृतिक मार भी झेलनी पड़ रही है। यदि अब बारिश हुई तो किसानों को काफी नुकसान होगा। अब तक सरकार ने खराब हुई फसलों की गिरदावरी नहीं कराई है। किसान मुआवजा मांग रहे हैं परंतु सरकार सुनने वाली नहीं है। जल्द ही मीटिंग कर मुआवजे को लेकर आगामी रणनीति बनाई जाएगी।
कृषि एवं कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. जसविंद्र सैनी का कहना है कि मौसम में अचानक काफी बदलाव आया है। ऐसे में किसानों को गेहूं की फसल पर खास ध्यान देने की जरूरत है। सरसों की फसल 60 प्रतिशत खराब हो चुकी है।