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मुख्यमंत्री के उड़नदस्ते ने पकड़ी मेटल की अवैध फैक्टरी

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मेटल फैक्टरी में जांच करते मुख्यमंत्री उड़नदस्ता टीम के सदस्य। संवाद - फोटो : Yamuna Nagar
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। जगाधरी के हनुमान गेट स्थित शांति कॉलोनी में चल रही अरमान मेटल इंडस्ट्री में बुधवार को मुख्यमंत्री उड़न दस्ते ने छापा मारा। इस फैक्टरी में पीतल के स्क्रैप से पत्तियां बनाई जाती हैं।
कार्रवाई के दौरान पाया गया कि फैक्टरी बिना कागजों के अवैध तरीके से चल रही थी। मालिक के पास किसी भी विभाग का कोई दस्तावेज नहीं था। जबकि यह फैक्टरी काफी पुरानी है। इसके मालिक का कहना था उसने अभी हाल ही में ली है। मौके पर ट्रेडिंग से संबंधित नगर निगम के कर्मी कुलदीप, फायर सिस्टम की एनओसी न होने पर दमकल अधिकारी जगाधरी के पंकज पराशर व बिल्डिंग इंस्पेक्टर कपिल पहुंचे। इन्होंने अपने-अपने विभाग की तरफ से फैक्टरी मालिक को नोटिस दिया। जांच टीम का कहना है कि यदि तीनों विभागों के नोटिस का जवाब समय से नहीं मिलता तो फैक्टरी को सील किया जाएगा।
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छापा के दौरान कई फैक्टरी मालिक अपनी फैक्टरी को बंद कर भाग निकले तो कइ इधर-उधर छिप गए। मौके पपर सब इंस्पेक्टर अनीश मलिक, सब इंस्पेक्टर जितेंद्र, सब इंस्पेक्टर गुरचरण सिंह व एएसआई राजवीर शामिल रहे। टीम के मुताबिक जब उन्होंने मेटल फैक्टरी के संचालक विकास त्यागी से फैक्टरी के दस्तावेजों को दिखाने की बात कही गई तो वह दिखा नहीं पाए। इसके बाद टीम ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भी सूचित कर मौके पर एसडीओ अजय सिंह को भी बुलाया।
चार दिसंबर को टास्क फोर्स ने भी की थी छापेमारी
एनजीटी के आदेश पर गठित स्पेशल एनवायरमेंट सर्विलेंस टास्क फोर्स की टीम ने जगाधरी जाकर बिना अनुमति के चल रही दो मेटल फैक्टरियों पर रेड की थी। इस दौरान टीम को काफी अनियमितताएं मिली थी। जिन फैक्टरियों में रेड की गई थी उन्हें क्लोजर नोटिस जारी दिया गया था। लेकिन टीम को छापा के दौरान यूनिट में ईटीपी बंद पाए गए थे इसके अलावा लॉगबुक भी सही प्रकार से अपडेट नहीं मिली थी।
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सेल के धमाका होने से चली गई थी दो की जान
जगाधरी में ऐसी ही एक फैक्टरी जो कि पीतल गलाने का काम करती थी उसमें स्क्रेप में आए एक सेल के धमाके से दो लोगों की जान गई थी लेकिन उसके बाद भी किसी विभाग के कर्मचारी व अधिकारी ने इस फैक्टरियों की सुध नहीं ली और इन फैक्टरियों की संख्या बढ़ती चली गई। ऐसे में अब पोल खुलनी शुरू हुई है। तो जाहिर सी बात है कि अब कईं फैक्टरियों पर गाज गिरेगी।
फैक्टरी को अभी कुछ ही समय पहले खरीदा था। अभी उसके पास दस्तावेज नहीं है। वह दस्तावेज जल्द ही पेश कर देगा। - विकास कुमार, संचालक, अरमान मेटल फैक्टरी
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