संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जगाधरी खंड की ग्राम पंचायत भोजपुर की निलंबित महिला सरपंच चंद्रावती पर पंचायती चुनाव के समय आयु का फर्जी पत्र देने के आरोप में थाना सदर जगाधरी पुलिस ने धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। महिला ने चुनाव के समय दसवीं का प्रमाणपत्र दिया था।
प्रमाणपत्र में उसने अपनी उम्र 21 साल दिखाई थी। मामले की जांच में प्रमाणपत्र फर्जी मिलने पर साल 2018 में महिला सरपंच को निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद जगाधरी बीडीपीओ ने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया गया था। अब आदेश के आदेश पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जगाधरी बीडीपीओ दिनेश कुमार ने सदर जगाधरी पुलिस को दी शिकायत में बताया कि फरवरी 2016 में ग्राम पंचायत के चुनाव हुए थे। ग्राम पंचायत भोजपुर के सरपंच पद के लिए चंद्रावती ने नामांकन दाखिल किया था। नामांकन के दौरान आयु के दस्तावेजों में चंद्रावती ने अपना दसवीं कक्षा का प्रमाण पत्र जमा करवाया था। चुनाव में चंद्रावती की जीत हुई थी।
बाद में गांव के ही दूसरे पक्ष के लोगों ने चंद्रावती की उम्र पर सवाल उठाते हुए विरोध जताया था और चंद्रावती की कम आयु को लेकर उपायुक्त को शिकायत दी थी। इस पर पंचायती विभाग के अधिकारियों ने मामले की जांच की। जांच में दसवीं का प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया। इस प्रमाण पत्र में चंद्रावती की आयु 21 वर्ष दिखाई गई थी। उत्तर प्रदेश के मथुरा से बनवाया गया यह प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने के बाद चंद्रावती को निलंबित कर दिया गया था।
इसके बाद ग्राम पंचायत की पंच गुरमीत कौर को सरपंच चुना गया था। चंद्रावती के सरपंच पद से निलंबित होने के बाद उस पर कोई पुलिस कार्रवाई नहीं की गई थी। इस पर दूसरे पक्ष के लोग अदालत में चले गए। अदालत ने पुलिस को चंद्रावती के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए। इसके बाद सदर जगाधरी पुलिस ने बीडीपीओ दिनेश शर्मा की शिकायत पर चंद्रावती के खिलाफ धोखाधड़ी व जालसाजी के आरोप में केस दर्ज कर लिया है।
मामले में चंद्रावती के पति मंगतराम का कहना है कि उन्हें चुनावी रंजिश के चलते फंसाया जा रहा है। उन्होंने कोई भी गलत कार्य नहीं किया और न ही गलत दस्तावेज दिए। वह हर जांच के लिए तैयार हैं। जांच में वे अपने बेगुनाह होने के सुबूत रखेंगे। वहीं थाना सदर जगाधरी प्रभारी सुभाष चंद्र का कहना है कि आरोपी महिला चंद्रावती पर केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।