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बिजली निगम के दो डिप्टी सुपरिटेंडेंट समेत चार पर केस

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यमुनानगर/बिलासपुर। बिजली निगम के जगाधरी और बिलासपुर डिवीजन में 63 लाख का फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद दो डिप्टी सुपरिटेंडेंट, अकाउंटेंट और क्लर्क के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इस संबंध में निगम के एक्सईएन नीरज कांबोज की ओर से पुलिस में शिकायत दी गई है। यही नहीं मामला उजागर होने के बाद निगम की ओर से जगाधरी और बिलासपुर डिवीजन के आडिट का भी निर्णय लिया गया है।
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बिलासपुर थाना में दी शिकायत में एक्सईएन नीरज कांबोज ने बताया कि उन्होंने जुलाई 2021 में बिलासपुर में बतौर एक्सईएन ज्वाइन किया था। अब उनके संज्ञान में आया है कि कार्यालय में कार्यरत अकाउंटेंट योगेश लांबा और क्लर्क राघव ने साथ मिलकर सरकारी फंड का दुरुपयोग किया है। मामले में डिप्टी सुपरिटेंडेंट राकेश नंदा और चक्रवर्ती शर्मा की भी संलिप्तता उजागर हुई है। चक्रवर्ती शर्मा फिलहाल पानीपत के समालखा आफिस में तैनात हैं।
शिकायत में बताया गया कि पिछले चार-पांच माह में ही आरोपियों ने कार्यालय में 63 लाख रुपये के फंड का दुरुपयोग किया है, इसलिए उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। थाना बिलासपुर प्रभारी बलबीर सिंह ने बताया कि एक्सईएन की शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।
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दूसरी ओर सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेमेंट करने के नाम पर हुए फर्जीवाड़े ने बिजली निगम के अधिकारियों की नींद उड़ा दी है। यह फर्जीवाड़ा कब से किया जा रहा था, इसके लिए बिजली निगम ने जगाधरी और बिलासपुर डिवीजन के ऑडिट का निर्णय लिया है। उम्मीद की जा रही है कि ऑडिट के दौरान और भी परतें खुलकर सामने आएंगी। सबसे पहले ऑडिट बिलासपुर डिवीजन का होगा, जहां पर इस फर्जीवाड़े के तार जुड़े हैं। इसके बाद जगाधरी डिवीजन का ऑडिट कराया जाएगा। विदित हो कि फर्जीवाड़े के संबंध में पूर्व में समालखा थाने में भी केस दर्ज किया गया है और पानीपत की सीआईटू पुलिस इसकी जांच कर रही है।
अब दो जिलों की पुलिस करेगी फर्जीवाड़े की जांच
बिजली निगम में सेवानिवृत्त कर्मियों को पेमेंट के नाम पर हुए फर्जीवाड़े की जांच अब पानीपत के अलावा यमुनानगर पुलिस भी करेगी। इससे पहले पानीपत के थाना समालखा में आठ फरवरी को धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने कहा था कि कुछ लोग लोन दिलाने के नाम पर उससे मिले थे। उसके खाते में करीब तीन लाख रुपये आए भी थे, परंतु कुछ दिन बाद एक व्यक्ति उससे मिला और कहने लगा कि उसके खाते में लोन की राशि गलत आ गई है, यह राशि उसकी थी। उसने उस व्यक्ति को अपने खाते से रुपये निकाल कर दे दिए। इसी दौरान उसे पता चला कि उसके खाते में जो रकम जमा हुई थी वह हरियाणा बिजली निगम के खाते से आई थी, जिस पर उसे शक हुआ कि रुपये के लेनदेन में कुछ हेराफेरी की गई है। इस पर उसने थाना समालखा में शिकायत दी। इसके बाद केस दर्ज कर मामले की जांच पानीपत के सीआईए टू को सौंपी गई थी। वहीं इस संबंध में अब थाना बिलासपुर में भी केस दर्ज हो चुका है, इसलिए पानीपत के साथ-साथ थाना बिलासपुर की टीम भी इस मामले की जांच करेगी।
पेमेंट के नाम पर गलत तरीके से भुगतान करने का मामला जब से संज्ञान में आया है, उसी दौरान विभाग को रिकॉर्ड का ऑडिट कराने के लिए लिख दिया था। सबसे पहले बिलासपुर डिवीजन का ऑडिट कराया जा रहा है। इसके बाद जगाधरी डिवीजन का ऑडिट कराया जाएगा, क्योंकि इस मामले में अकाउंटेंट आरोपी पहले जगाधरी डिवीजन में भी काम कर चुका है। यहां से ट्रांसफर होने के बाद उसकी ड्यूटी बिलासपुर में लगाई गई थी। जांच में जो भी सामने आएगा उसके आधार पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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-राजेंद्र कुमार, एससी, बिजली निगम।
पानीपत के सीआईए-टू प्रभारी विजेंद्र का कहना है कि फिलहाल मामले की गहनता से जांच की जा रही है। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
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