यमुनानगर। नगर निगम के संपत्ति कर के बकायेदारों में खाली प्लॉट से लेकर मकानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों व औद्योगिक इकाइयों के साथ 10 सरकारी विभाग भी शामिल हैं। इन पर कई वर्षों से करीब 8.28 करोड़ रुपये बकाया है।
नगर निगम की ओर से इन इकाइयों से बकाया संपत्ति कर जुटाने के लिए कई बार पत्राचार किया जा चुका है। अब निगम ने अन्य बकायेदारों की तरह ऐसी सरकारी इकाइयों के भवनों को सील करने की तैयारी कर ली है। इसके तहत बकायेदार इकाइयों को 31 मार्च तक बकाया राशि का भुगतान न करने पर सीलिंग की चेतावनी दे दी गई है। विगत दिनों एक बैठक के दौरान निगमायुक्त आयुष सिन्हा ने इन सरकारी विभागों के प्रतिनिधियों को इससे संबंधित दिशा-निर्देश भी दिए थे।
नगर निगम की आय का बड़ा स्रोत संपत्ति कर ही माना जाता है। इससे शहर के विकास कार्यों से लेकर नगर निगम के खर्चे चलते हैं। हालांकि हर साल नगर निगम के वित्त वर्ष के बजट में संपत्ति कर से आय के लक्ष्य करोड़ों रुपये में रखा जाता है पर आय कई गुना कम रहती है।
चालू वित्त वर्ष में संपत्ति कर से 25 करोड़ रुपये आय का लक्ष्य रखा गया है। अभी तक इससे लगभग 12 करोड़ रुपये से अधिक आय हो पाई है। इसकी एक वजह इस साल तीन चुनाव भी रहे। मई में लोकसभा फिर अक्तूबर में विधानसभा और अंत में मार्च में निगम चुनाव आ गए। इनकी घोषणा पर आचार संहिता लगने पर बकायेदारों पर कार्रवाई बार-बार लटकती रही। ऐसे में गत वर्षों की तरह चालू वित्त वर्ष के नगर निगम बजट में आय के तय लक्ष्य हासिल करने में अफसर पिछड़ सकते हैं।
अब वित्त वर्ष खत्म होने में कुछ दिन शेष हैं, जिसमें संपत्ति कर व किराये से बकाया करोड़ों रुपये की आय रिकवरी करना बड़ी चुनौती है। इससे पार पाने के लिए नगर निगम अफसरों की ओर से संपत्ति कर के बकायेदार सरकारी विभागों पर भी अन्य बकायेदारों की तरह संपत्ति सीलिंग की कार्रवाई करने की योजना है। ऐसे करीब दस विभाग हैं, जिन पर संपत्ति कर के करीब 8.28 करोड़ रुपये बकाया हैं।
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विभागों पर बकाया राशि-
विभाग - बकाया
पुलिस विभाग - 532906
जिला परिषद - 9758995
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण - 1319573
पंचायती विभाग एवं पंचायत भवन - 306556
सिंचाई विभाग - 1044491
हरियाणा रोडवेज राज्य परिवहन - 2463776
पीडब्ल्यूडी बीएंडआर - 42986776
मार्केट कमेटी - 24163370
हरियाणा राज्य भंडारण निगम - 63000
हैफेड - 209636
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कार्रवाई की दी चेतावनी
सोमवार को भी अतिरिक्त निगम आयुक्त डाॅ. विजय पाल यादव ने संपत्ति कर के बकायेदार सरकारी विभागों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। डॉ. विजय पाल यादव ने विभागों के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि जल्द अपना बकाया संपत्ति कर जमा कराएं, अन्यथा निगमायुक्त आयुष सिन्हा के निर्देशों पर विभागीय कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। बैठक में पुलिस विभाग, जिला परिषद, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, पंचायती विभाग एवं पंचायत भवन, सिंचाई विभाग, हरियाणा रोडवेज राज्य परिवहन, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर, मार्केट कमेटी, हरियाणा राज्य भंडारण निगम, हैफेड व अन्य विभागों के अधिकारी व प्रतिनिधि उपस्थित थे।
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वर्जन-
संपत्ति कर नगर निगम की आमदनी का सबसे बड़ा जरिया है। इससे शहर के विकास कार्यों पर खर्च किया जाता है। नगर निगम की ओर से संपत्ति कर के कई बकायेदारों की संपत्ति सील की गई थी। ऐसे ही बकाया संपत्ति कर न देने पर सरकारी विभागों के भवनों को भी सील किया जाएगा।
- आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।