हथिनीकुंड नाके से हरियाणा में प्रवेश कर रही धान से भरी ट्रॉलियां
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जिले की मंडियों में यूपी सहित अन्य बाहरी राज्यों के धान खरीद पर रोक लगा दी गई है। प्रशासनिक स्तर पर यमुनानगर जिले के साथ लगीं दूसरे राज्यों की सीमाओं कलानौर बार्डर, गुमथला, रणजीतपुर, हथनीकुंड बैराज पर नाके लगा दिए गए हैं। नाकों पर पुलिस और खाद्य विभाग के कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है, ताकि बाहरी राज्यों से जिले की मंडियों में पहुंच रही धान की आवक को रोका जा सके। नाकों पर तैनात स्टाफ को सरकार द्वारा जारी हिदायतों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। उनके द्वारा जो ट्रालियां, ट्रक वापिस लौटाये गये हैं, उनका गाड़ी नंबर नोट करते हुए मंडियों में सूचित करने के निर्देश दिए ताकि किसी दूसरे रास्ते से मंडी में धान आती है तो उसकी खरीद न हो सकें।
डीसी मुकुल कुमार ने बताया कि खरीफ वर्ष 2019-20 के अन्तर्गत जिले में पिछले वर्ष कुल 635003 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई थी। जिसकी तुलना में इस वर्ष 29 अक्तूबर तक कुल 556102 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। मंडियों में धान खरीद तथा धान का उठान सुचारु रूप से चल रहा है। किसानों को जागरूक किया जा रहा है कि वे अपनी फसल को सुखाकर मंडी में लाएं ताकि उनको फसल बेचने में कोई परेशानी न आएं।
उत्तर प्रदेश सहित अन्य प्रदेशों से अवैध रूप से आ रही धान की आवक पर रोक लगाने के लिए सभी खरीद एजेंसियों, मार्केट कमेटी सचिव एवं आढ़तियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। मंडियों में आने वाले किसानों का कोई भी एक आईडी प्रूफ जमीन की फर्द, राशन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर कार्ड आदि का सत्यापन करने के बाद ही धान की खरीद करें।
किसानों का कहना है कि यूपी के व्यापारी और आढ़ती किसानों का धान कम रेट में ले रहे हैं। वह उस धान को हरियाणा की मंडी के सचिवों से सांठगांठ करके बेच रहे हैं। ऐसा करके वह काफी मुनाफा कमा रहे हैं, जिसके कारण हरियाणा के किसानों का धान मंडियों में नहीं खरीदा जा रहा है। यहां के किसानों का दिवाली से पहले का धान बिक्री के लिए पड़ा हुआ है।