संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। पुलिस सुरक्षा के बीच एक बार फिर मंगलवार को शराब के ठेकों की नीलामी हुई। बचे हुए 34 जोन के 68 ठेकों में से केवल छह ठेकों की ही नीलामी हो पाई। बचे हुए 62 ठेकों की नीलामी के लिए आबकारी विभाग फिर तारीख तय करेगा।
इन छह ठेकों का रिजर्व प्राइस 41 करोड़ 40 लाख 9000 रुपये निर्धारित किया गया था। यह ठेके 41 करोड़ 67 लाख 38888 रुपये में बिके। इस तरह आबकारी विभाग को रिजर्व प्राइस से ज्यादा केवल 63 लाख 29888 रुपये ही मिले। बलाचौर-छछरौली का ठेका जिसका रिजर्व प्राइस 8,57,44,000 रुपये था। यह 8,57,50,000 रुपये में बिका। जेके रेजिडेंसी-मॉडल टाउन ठेके का रिजर्व प्राइज 9,03,44,000 रुपये था। यह 9,11,95,000 रुपये में बिका।
फर्कपुर-जोड़िया ठेके का रिजर्व प्राइज 58,87,7000 रुपये था। यह 59,577,000 रुपये में बिका। इसी तरह खेड़ी लक्खा सिंह-जमालपुर ठेके का रिजर्व प्राइज 6,33,88,000 रुपये था। यह 6,41,88,111 रुपये में बिका। वहीं, बापा-घिलौर ठेके का रिजर्व प्राइज 5,22,56,000 था। यह 5,51,21,000 रुपये में बिका। इसी तरह कलावड़-सरांवा ठेके का रिजर्व प्राइज 5,98,00,000 था। यह 6,09,07,777 रुपये में बिका। रोमिल वोहरा का एनकाउंटर करके प्रदेश सरकार ने कारोबारियों को सुरक्षा का एहसास कराने का प्रयास किया। इसका असर हुआ भी, एनकाउंटर के अगले ही दिन जिले में शराब के 10 ठेकों की नीलाम हो गए थे।
31 मई से शुरू हुई थी नीलामी
31 मई को शराब ठेकों के सभी 55 जोन की पहली बार नीलामी कराई गई। 55 जोन के लिए रिजर्व प्राइस 484.77 करोड़ रुपये रखा गया था। पहली बार में केवल 27 करोड़ रुपये में तीन जोन ही बिक सके। कम जोन की नीलामी होने से इन तीनों जोन की नीलामी को भी रद्द कर दिया गया।
04 जून को दूसरी बार नीलामी कराई गई। परंतु 55 में से 10 जोन की ही नीलामी हो पाई। 10 में से नौ जोन अंबाला के शराब कारोबारी महेंद्र सिंह ने खरीदे। शेष बचे 45 जोन के ठेकों का रिजर्व प्राइस 403.76 करोड़ रुपये रखा गया था। डरे कारोबारियों ने एक भी जोन की नीलामी में हिस्सा नहीं लिया।
10 जून को शराब के 45 जोन की एक बार फिर से नीलामी कराई गई। लेकिन एक भी ठेकेदार ने नीलामी में हिस्सा नहीं लिया।
12 जून को नई शराब पॉलिसी लागू हो गई। नीलामी न होने के कारण आबकारी विभाग ने 90 ठेकों को सील कर दिया गया।
13 जून को एक बार फिर ठेकों की नीलामी के लिए तारीख निर्धारित की गई, लेकिन इसे एक दिन पहले ही स्थगित करने के आदेश जारी किए गए।
20 जून को फिर से नीलामी कराई गई, लेकिन किसी ठेकेदार ने आवेदन नहीं किया।
23 जून को फिर से नीलामी कराई गई, लेकिन एक भी नहीं बिका।
25 जून को 45 जोन के लिए नीलामी कराई गई, जिसमें से पांच जोन ही बिके।
27 जून को 40 जोन के लिए नीलामी कराई गई थी, जिसमें 12 ठेके बिके थे।
मंगलवार को छह ठेकों की नीलामी हुई है। बचे 62 ठेकों की जल्द नीलामी कराई जाएगी। अब ठेकेदार धीरे-धीरे सामने आने लगे हैं। - आलोक पासी, डीईटीसी, जगाधरी।