संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। एसपी कमलदीप गोयल ने कहा कि साइबर ठगों के निशाने पर हर वह आदमी है, जो किसी भी डिजिटल माध्यम से जुड़ा है। फिर चाहे वह इंटरनेट मीडिया हो या फिर इंटरनेट बैंकिंग। बदलते वक्त के साथ साइबर ठगों ने अपने पैंतरे भी बदले हैं। साइबर ठग इंटरनेट मीडिया के जरिए लोगों को कभी अलग-अलग तरीकों से साइबर ठगी का शिकार बनाते हैं।
एडवाइजरी जारी करते हुए एसपी गोयल ने कहा कि साइबर ठग पेंशन स्कीम का लालच देते हैं, कभी फर्जी लोन एप के माध्यम से, कभी बिना आर्डर का पार्सल भेजकर तो कभी कॉल फॉरवर्डिंग करके और कभी किसी व्यक्ति की ई-मेल, व्हाट्सएप, फेसबुक आईडी पर शादी का निमंत्रण पत्र के रूप में लिंक भेजकर साइबर ठगी का शिकार बनाने से नहीं चुकते। आजकल ठग पर कॉल मर्जिंग के माध्यम से साइबर ठगी कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि साइबर ठग आपको फोन करके किसी जानकार से बात करवाने के लिए आपको कॉल मर्ज करने के लिए बोलते हैं। जैसे ही व्यक्ति कॉल मर्ज करता है उसका फोन बैंक ऑटोमेटिक वेरिफिकेशन सिस्टम से जुड़ जाता है। क्योंकि ठग कॉल मर्ज का नहीं बल्कि बैंक ऑटोमेटिक वेरिफिकेशन सिस्टम की रिक्वेस्ट भेजते हैं। उसके बाद ठग आपका खाता खाली कर देते हैं।
ऐसे में आमजन को इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि किसी अनजान व्यक्ति द्वारा कहे अनुसार कॉल मर्ज न करें। अपने बैंकिंग एप को सुरक्षित लॉक करके रखें तथा अपनी निजी जानकारी को किसी भी व्यक्ति से सांझा करने से बचें। अगर ठगी हो जाए तो नेशनल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें। 1930 पर तुरंत शिकायत करने पर आपका पैसा सुरक्षित वापस आ सकता है।