संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर/रादौर। पॉलिटेक्निक दामला में अवशिष्ट प्रबंधन पर जागरूकता कार्यक्रम हुआ। इसमें चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय से वैज्ञानिक डॉ. कपिल सिंघला मुख्य अतिथि रहे। कार्यक्रम समन्वयक रोहित मंडार ने विषय का परिचय दिया और भारतीय कृषि में बढ़ती चुनौतियों का महत्व बताया।
रोहित मंडार ने कहा कि प्रभावी अवशिष्ट प्रबंधन पर्यावरणीय प्रदूषण को कम करने, मृदा स्वास्थ्य सुधारने और फसल उत्पादन बढ़ाने में मदद कर सकता है। डॉ. कपिल सिंघला ने अवशिष्ट प्रबंधन के वैज्ञानिक पहलुओं पर चर्चा की। इस दौरान कुशल अवशिष्ट निपटान के लिए मशीनरी के उपयोग व जैविक खेती में अवशिष्ट पुनर्चक्रण के लाभों जैसे व्यावहारिक दृष्टिकोण साझा किए। कार्यक्रम में प्रशिक्षण व प्लेसमेंट अधिकारी अमनदीप सिंह ने भी अपने अनुभव साझा किए।
स्थानीय किसानों को महत्वपूर्ण प्रथाओं के बारे में जागरूक करने के लिए जागरूकता अभियानों की जरूरत पर जोर दिया। कार्यक्रम में 150 से अधिक छात्रों व कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी रही, जिनमें कंप्यूटर इंजीनियरिंग विभाग के मुख्य डॉ. करणबीर सिंह, संदीप कौर, रजनी, कंचन, कनिका व अन्य शामिल थे। उन्होंने बहुमूल्य प्रतिक्रिया दी। कार्यक्रम का समापन एक प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ, जिसमें छात्रों व कर्मचारियों को डॉ. सिंघला से संवाद करने का अवसर मिला। कृषि अवशिष्ट प्रबंधन से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और समाधान पर चर्चा की गई।