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Yamuna Nagar News: इंतजामों की खुली पोल, मंडियों में 57 हजार मीट्रिक टन धान भीगा

Mon, 12 Oct 2026 01:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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व्यासपुर क्षेत्र में तेज हवा व बारिश से खेतों में बिछी धान की फसल। संवाद - फोटो : Archive
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। किसानों की फसल को सुरक्षित रखने के प्रशासनिक दावों की रविवार दोपहर हुई बारिश ने पोल खोल दी। अचानक मौसम बदला और तेज हवा के साथ हुई बारिश ने जिले की अनाज मंडियों में खुले में पड़ा करीब 57 हजार मीट्रिक टन धान भिगो दिया। मजदूरों को फसल ढकने तक का समय नहीं मिला।
आनन-फानन में तिरपाल डाला गया। इसके बाद भी नीचे से पानी धान तक पहुंचता रहा। हालात यह रहे कि मंडियों में धान बचाने के लिए तिरपाल कम पड़ गए। वहीं, खेतों में तेज हवा से धान की फसल बिछ गई। अब किसानों को मंडियों में फसल सुखाने और खेतों में कटाई के लिए अतिरिक्त मशक्कत करनी पड़ेगी। बूड़िया-खदरी रोड पर बारिश व तेज हवा से एक पेड़ भी सड़क पर गिर गया।
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जिले की 13 अनाज मंडियों में अब तक 1,28,635 एमटी धान की आवक हो चुकी है। 15,548 एमटी धान की खरीद हुई है, जबकि उठान 16,510 एमटी का हुआ है। उठान की गति और मंडियों में जमा फसल के बीच तालमेल नहीं होने से धान को सुरक्षित रखने के लिए जगह का संकट गहरा रहा है। व्यासपुर मंडी में हालात और खराब रहे। यहां सुखाने के लिए बिखेरा गया धान पानी के तेज बहाव में बह गया।
छुट्टी के दिन खरीद बंद, आवक जारी
रविवार को छुट्टी के कारण मंडियों में खरीद बंद थी, लेकिन धान की आवक जारी रही। किसान अपनी फसल लेकर पहुंचते रहे। माना जा रहा था कि छुट्टी में उठान में तेजी आएगी, लेकिन बारिश ने सब पर पानी फेर दिया। पहले से जमा धान और सीमित सुरक्षित जगह के कारण खुले में रखी फसल बारिश की चपेट में आ गई। मौसम में बदलाव की आशंका के बीच फसल को सुरक्षित रखने के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। तिरपाल की कमी और उठान में देरी ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अब भीगे धान को दोबारा सुखाना पड़ेगा, जिससे समय और मेहनत दोनों बढ़ेंगे।
खेतों में बिछी फसल, कटाई पर संकट
बारिश और तेज हवा ने खेतों में भी किसानों को नुकसान पहुंचाया। खड़ी धान की फसल बिछने से कंबाइन से कटाई करना मुश्किल हो सकता है। किसानों को मजदूरों की मदद लेनी पड़ सकती है, जिससे कटाई का खर्च बढ़ेगा। खेतों में नमी के कारण अगले तीन-चार दिन तक कटाई प्रभावित होने की आशंका है। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना, किसान नेता मंदीप सिंह रोडछप्पर और भारतीय किसान संघ के प्रदेश महामंत्री रामबीर चौहान ने कहा कि मंडियों में धान को बारिश से बचाने के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। किसानों पर मौसम की मार के साथ व्यवस्था की खामियों का बोझ भी पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि मंडियों में पर्याप्त तिरपाल, सुरक्षित भंडारण और धान का समय पर उठान सुनिश्चित किया जाए।
सभी आढ़तियों को बारिश से अनाज को बचाने के लिए तिरपाल दे रखे हैं। कुछ जगह तेज बारिश हुई है। अचानक बारिश होने से मंडियों में धान भीगा है। सूखने के बाद खरीद की जाएगी। - नितिश सिंगला, डीएफएससी, यमुनानगर।
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नागल में गिरी बिजली, घरों के उपकरण जले
रादौर। नागल में गांव रविवार दोपहर करीब तीन बजे बिजली की केबल पर बिजली गिरने से आग लग गई। इससे गांव के कई घरों में बिजली के उपकरण जलकर खराब हो गए। गांव के निवासी फूल सिंह, कुलदीप, देवीलाल, पवन कश्यप, पवन, बलवंत सिंह, मेहर सिंह, वेदपाल और सोम प्रकाश ने बताया कि रविवार दोपहर अचानक बिजली गली से गुजर रही बिजली निगम की केबल पर गिर गई। इससे केबल जल गई और घरों में लगे एसी, फ्रिज, पंखे, एलईडी, इन्वर्टर सहित अन्य बिजली के उपकरण जल गए। इससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा। ग्रामीणों ने नुकसान की भरपाई के लिए संबंधित विभाग से उचित कदम उठाने की मांग की है। संवाद

व्यासपुर क्षेत्र में तेज हवा व बारिश से खेतों में बिछी धान की फसल। संवाद- फोटो : Archive

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