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यूपी सीमा पर पशु डेयरी संचालकों ने पकड़वाए भूस भरे 17 वाहन, पुलिस ने पंजाब का भूस बताकर छोड़े

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यमुनानगर। जिले से भूस निर्यात पर प्रतिबंध के आदेश का पालन हो, इसके लिए पशु डेयरी संचालकों ने मोर्चा संभाल लिया है। इसे लेकर शहर के आउटर में बने चारों डेयरी कांप्लेेक्स की यूनियन एक हो गई। जिन्होंने फैसला लिया कि जिले की सीमाओं पर पुलिस नाकों पर पशु डेयरी संचालक पहरा देंगे। शनिवार शाम से रात तक डेयरी संचालकों ने करहेड़ा चौक पर नए बाइपास व यूपी की सीमा पर कलानौर समीप भूस से भरे 17 वाहन पकड़ पुलिस के हवाले किए। साथ ही दावा किया कि पकड़े 12 ट्रक व पांच ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में जिले से भूस भरकर यूपी ले जाया जा रहा था, लेकिन पुलिस ने एक ट्रक का ओवरलोड का चालान कर पशु डेयरी संचालकों के पकड़वाए बाकी वाहन पंजाब से लाया भूस बताकर छोड़ दिए। पुलिस कार्रवाई से नाराज डेयरी संचालक मेयर आवास पर पहुंचे, पर मेयर के न मिलने पर नारेबाजी कर लौट गए।
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शहर के आउटर में बने चारों डेयरी कांप्लेक्स के प्रधान सुरजीत सिंह (कैल), हैप्पी गिल (औरंगाबाद), संजय पाहवा (दड़वा), फौजी (रायपुर) ने बताया कि शनिवार शाम करहेड़ा चौक पर नए बाइपास पर भूस से भरे यूपी के नंबर लिखे ट्रक व ट्रैक्टर ट्राली रोक कार्रवाई के लिए पुलिस बुलाई थी। ऐसे ही रात में भी डेयरी संचालकों ने यूपी सीमा पर कलानौर समीप भूस से भरे 12 ट्रक व 5 ट्रैक्टर ट्रालियां पकड़े। इनके वाहन चालक मौके पर भूस कहां से लाया गया, इसका डेयरी संचालक कोई प्रमाण नहीं दे पाए, जिन पर कार्रवाई के लिए पुलिस के हवाले किया गया। इस दौरान भूस भरे अन्य वाहन चालकों ने पंजाब के बिल व वजन कांटे दिखाए तो उन्हें मौके पर ही यूपी जाने दिया गया। डेयरी संचालकों ने दावा किया कि रात में पकड़े 12 ट्रक व 5 ट्रैक्टर-ट्रालियों में जिले से ही भूस भरा गया है। इससे भूस के जिले से बाहर निर्यात के प्रतिबंध के आदेश कागजी साबित हो रहे हैं। लेकिन पुलिस ने डेयरी संचालकों के पकड़वाए सभी वाहनों को उनमें पंजाब से लाया भूस बताकर छोड़ दिया। इनमें केवल एक का ही ओवरलोड का चालान किया गया।------------
पशु डेयरी संचालक इसलिए कर रहे विरोध
गेहूं कटाई के सीजन में भूस की किल्लत नहीं होती। लेकिन इस बार किल्लत के साथ भूस के दाम भी बीते वर्ष से लगभग दोगुना हो गए हैं। दड़वा डेयरी कांप्लेक्स के प्रधान जितेंद्र लांबा ने बताया कि बीते वर्ष भूस 400-450 रुपये प्रति क्विंटल था, जो अब 700-715 रुपये प्रति क्विंटल मिल पा रहा है। उनका आरोप है कि भूस की किल्लत व दाम बढ़ने की वजह से इसका बहुतायत व्यवसायिक इस्तेमाल हो रहा है। ऐसा ही रहा तो कुछ समय बाद भूस ना मिलने से पशु भूखे रह जाएंगे। प्रतिबंध के बाद भी भूस का जिले से बाहर निर्यात हो रहा है, ये बात डेयरी संचालकों ने शनिवार को अलग-अलग जगह भूस भरे वाहन पकड़कर साबित भी की। लांबा ने कहा कि वे जमींदार के खिलाफ नहीं बल्कि बिचौलियों के खिलाफ हैं, जो जमींदार से भूस लेकर पशु पालकों के बजाय व्यवसायिक इस्तेमाल के लिए बेच रहे हैं। इसलिए फैसला लिया है कि जिले की सीमा पर पुलिस नाकों पर रोज पांच पशु डेयरी संचालक भी पहरा देंगे।
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जिले के भूस के ही निर्यात पर प्रतिबंध है, लेकिन डेयरी संचालकों के पकड़वाए वाहनों में पंजाब से भूस लाया गया था, इसलिए उन्हें छोड़ दिया गया है। एक वाहन का ओवरलोड होने पर चालान कराया गया है।
-नरेंद्र, प्रभारी, थाना सदर यमुनानगर।
जिन वाहनों में पंजाब से भूस यूपी ले जाया जा रहा है, केवल उन्हीं को जिले की सीमा पार करने दिया जा रहा है।
-ओमप्रकाश, इंचार्ज, कलानौर चौकी।
प्रतापनगर पुलिस ने पकड़ीं भूस से भरे तीन ट्रैक्टर-ट्रालियां
कलेसर के पास से थाना प्रतापनगर पुलिस ने भूस से भरे तीन ट्रैक्टर ट्रालियां पकड़ी। ईएएसआई संजीव कुमार ने बताया कि 23 अप्रैल की शाम सूचना मिली कि तीन ट्रैक्टर ट्रालियां में भूस को बेचने के लिए हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब ले जाया जा रहा है। इस पर कलेसर के पास कलेसर के पास बेरिकेड्स लगाकर नाकाबंदी की गई। कुछ ही देर में वहां से तीन ट्रैक्टर ट्रालियां आती दिखाई दी, जिनके चालकों को रुकने का इशारा किया, लेकिन तीन ट्रैक्टर-ट्रालियों के चालकों ने तेज रफ्तार में बेरिकेड्स क्रॉस कर दिए। जिनका निजी गाड़ी से पीछा कर कुछ दूरी पर रोक लिया, लेकिन तीनों ट्रैक्टर-ट्राली छोड़ उनके चालक जंगल की तरफ भाग गए। जांचने पर तीनों ट्रैक्टर-ट्रालियों में भूस से भरे बोरे मिले। जिन्हें पुलिस ने जब्त कर कार्रवाई शुुरू कर दी।
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