संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स यूनियन के बैनर तले शनिवार को कार्यकर्ताओं ने हड़ताल के 11वें दिन सरकार के विरोध में शवयात्रा निकालकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। हड़ताल को सर्व कर्मचारी संघ, सीटू, रिटायर्ड कर्मचारी संघ सहित अन्य कर्मचारी संगठनों ने समर्थन दिया।
अगुवाई कर रहीं जिला प्रेस सचिव सपना साबेपुर ने कहा कि सरकार एक तरफ महिला सशक्तिकरण की बात कर रही है और दूसरी तरफ रोजगार छीनकर महिलाओं की आमदनी का जरिया समाप्त कर रही है। सरकार की ओर से 27 दिसंबर को चंडीगढ़ में दस सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार बात करना चाहती है, तो पहले 2018 में किए वादे पूरे करे।
सर्व कर्मचारी संघ के जिला सचिव गुलशन भारद्वाज, रिटायर्ड संघ के राज्य सचिव विनोद त्यागी, रोशन लाल ने कहा कि कर्मचारियों को महंगाई भत्ता का बकाया, एरियर भी तुरंत दिया जाए। विभाग बिना मोबाइल व अन्य संसाधन दिए ऑनलाइन का काम न करवाया जाए, इस बारे उच्च न्यायालय के आदेश की अवमानना न की जाए। 2018 में की गई 1500 एवं 750 की बढ़ोतरी एरियर सहित दी जाए। आंगनबाड़ी वर्कर्स को पांच व हेल्पर्स को तीन लाख रुपये सेवानिवृत्ति का लाभ दिया जाए। सेवानिवृत्ति पर पेंशन दी जाए।
आंगनबाड़ी वर्कर से सुपरवाइजर के रूप में 50 प्रतिशत की पदोन्नति बिना शर्त के लागू किया जाए। आंगनबाड़ी केंद्रों का बढ़ा किराया ग्रामीण क्षेत्र का दो हजार, छोटे कस्बे/शहर का तीन हजार व बड़े शहरों का पांच हजार किया जाए। नई शिक्षा नीति वापस ली जाए, प्ले-वे स्कूल के नाम पर आईसीडीएस का निजीकरण बंद किया जाए।
नेताओं ने कहा कि सरकार कर्मचारियों की मांगें नहीं मानेगी तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की रूपरेखा बनाई जाएगी। कर्मचारी किसी सूरत में विभागों का निजीकरण नहीं होने देंगे। इस दौरान मीनाक्षी शर्मा, लता शर्मा, सुनैना, शशि, गुरजोत, रविंद्र कौर, सुलोचना, किरण करहेड़ा, सुरेशो, रजनी, मनजिंद्र, करमू सहित अन्य पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।