यमुनानगर। सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर यूनियन के बैनर तले सोमवार को वर्कर्स ने अर्जुन नगर स्थित महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन करते हुए अनाजमंडी से विभाग कार्यालय पहुंचीं। कार्यालय में कार्यकम अधिकारी नहीं मिली तो प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कहा कि बर्खास्तगी नोटिस का जवाब देने आंगनबाड़ी वर्कर्स पहुंची थीं लेकिन अधिकारी मौके पर नहीं मिले।
जिला प्रधान रेखा सैनी ने कहा कि सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में संयुक्त तालमेल कमेटी के आह्वान पर प्रदेशभर की वर्कर्स व हेल्पर अपने परिवार बच्चों को छोड़कर आठ दिसंबर से कड़ाके की सर्दी में सड़कों पर मारी-मारी फिर रही हैं। उनकी मांगों का समाधान करने की बजाय सरकार के दबाव में अधिकारी उनकी बर्खास्तगी की नोटिस निकाल रहे हैं। इन नोटिस का जवाब देने के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी ने 31 जनवरी का अंतिम दिन रखा था। इसलिए वह आज सभी नोटिसों का जवाब लेकर आई थीं तो अधिकारी अपने कार्यालय में मौजूद नहीं मिले। काफी देर विरोध प्रदर्शन के बाद कार्यक्रम अधिकारी की अनुपस्थिति में कार्यालय में मौजूद कर्मचारी ने ज्ञापन व नोटिसों का जवाब लिया।
एसकेएस जिला सचिव गुलशन भारद्वाज और सीटू नेता विनोद त्यागी ने कहा कि सर्व कर्मचारी संघ व सीटू के आह्वान पर आंगनबाड़ी यूनियन की वर्कर्स व हेल्पर को डरा धमका कर नोटिस दिए जा रहे हैं। मंगलवार सुबह 10 बजे भाई कन्हैया साहिब चौक के पास पार्क में इकट्ठा होकर रोष मार्च निकालते हुए जिला मुख्यालय पहुंच कर दमन विरोधी आक्रोश प्रदर्शन करेंगे। उसके बाद आंगनबाड़ी आंदोलन के समर्थन और यूटी चंडीगढ़ के बिजली निगम को निजी हाथों में देने के विरोध में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी देंगे। मौके पर बलजिंद्र कौर, अनीता, शशि कांसापुर, सुलोचना, सीमा, अंजू, अंग्रेजों, दयावती, सुनीता, संतोष, सरोज साढौरा, एसकेएस जिला प्रधान महीपाल सौदे, कोषाध्यक्ष सतीश राणा, जिला प्रधान सोमनाथ, जिला सचिव जोत सिंह, नगरपालिका शाखा प्रधान राजकुमार ससौली, रोशन लाल व अशोक कुमार मौजूद रहे। धरने प्रदर्शन का संचालन जिला सचिव सुनीता करेहड़ा ने किया। धरने में ब्लॉक साढौरा की वर्कर और हेल्पर भी शामिल हुईं।