संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में शराब ठेकों की नीलामी न होने से अब पुलिस के सामने एक चुनौती और बढ़ गई है। अब लोग शराब की तस्करी ने जुट गए। तीन दिनों में शराब तस्करी के तीन केस दर्ज हो चुके हैं और देसी शराब 16 पेटी से ज्यादा पकड़ी जा चुकी है।
वहीं 26 मई से 15 जून तक यमुनानगर में कुल शराब तस्करी के कुल 12 केस दर्ज हुए, जिनमें 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर 287 देशी शराब की बोतलें बरामद की गई। पुलिस को अब इस बात का भी ध्यान रखना पड़ेगा की तस्करी में कहीं मिलावटी शराब भी लोगों तक न पहुंचने लगे।
शराब तस्करी की सबसे बड़ी वजह ठेकों की नीलामी न होना है। 55 जोन के 110 ठेकों में से अब तक केवल 10 जोन के 20 ठेके ही नीलामी हुए हैं। जिन ठेकों पर अभी शराब बिक रही है उनमें व्यासपुर छौली जोन, जगाधरी बस स्टैंड, असगरपुर, साढौरा कस्बा का मुख्य ठेका, साढौरा दो जोन ठेका, बाकरवाला कोट ठेका, मंधार-मुसिंबल जोन, सारन-सरस्वतीनगर जोन, मानकपुर- मुकारबपुर जोन, बस स्टैंड जगाधरी एसएल मार्केट जोन शामिल हैं।
जिन जोन में ठेकों की नीलामी नहीं है अब वहां के रहने वाले लोगों को शराब लेने के लिए 20 से 30 किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है। इसी का फायदा शराब तस्कर उठाने लगे हैं। वह आसपास के जिलों से शराब लाकर अपने ठिकानों पर बेच रहे हैं। कई किलोमीटर दूर न जाना पड़े इसलिए लोग इनसे शराब खरीद रहे हैं। पुलिस प्रवक्ता का कहना है कि पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र सिंह भौरिया के मार्गदर्शन में कार्य करते हुए जिला पुलिस द्वारा शराब की अवैध तस्करी करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अब तक कई आरोपी पकड़े जा चुके हैं। अवैध तस्करी रोकने के लिए पुलिस सघन चेकिंग अभियान चला रही है।