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Yamuna Nagar News: घोड़ो पिपली के बाद अब टापू माजरी से पुल निर्माण के लिए आवाज बुलंद

Mon, 08 Apr 2024 01:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। हरियाणा-उत्तर प्रदेश की सीमा पर यमुना नदी के तट पर बसे टापू माजरी के ग्रामीणों ने भी यमुना नदी पर पुल निर्माण के लिए आवाज बुलंद की है। साथ ही मांग पूरी नहीं होने पर लोस चुनाव के बहिष्कार का एलान किया है। इससे पहले घोड़ो पिपली के ग्रामीणों ने भी इसे लेकर आवाज उठाई थी।
गांव के बिरम सिंह और श्याम गुर्जर ने बताया कि यमुना नदी के पार गांव टापू माजरी और घोड़ों पिपली के लोगों को यमुनानगर शहर में आने जाने के लिए पहले यूपी के बैंगिनी, हैदरपुर, शाहजहांपुर फाटक से कलानौर से कैत मंडी के बाद यमुनानगर लगभग 40 किमी. घूमकर आना जाना पड़ता है, या फिर यमुना नदी में नाव के माध्यम से आना जाना पड़ता है। उन्होंने बताया कि यमुना पर पुल बनाने की ग्रामीणों की मांग बहुत पुरानी है। उन्होंने बताया कि यमुना नदी पर यह पुल गांव भोगपुर और टापू माजरी के बीच बनना है।
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ग्रामीण वर्षों से इसकी मांग को उठाते आए हैं। इस पुल को बनाने को लेकर सर्वे और एस्टीमेट भी बन चुका है। बावजूद इसके फाइल ठंडे बस्ते में है। वहीं अब जब ग्रामीणों के सब्र का बांध टूटा तो पहले घोड़ो पिपली और अब टापू माजरी के ग्रामीणों ने लोस चुनाव बहिष्कार का एलान किया है। इस संबंध में रविवार को टापू माजरी के ग्रामीणों ने प्राथमिक पाठशाला में पंचायत की, जिसमें करीब 400 ग्रामीणों ने भाग लिया। पंचायत एक घंटे तक चली जिसमें लोस चुनाव का पूर्णरूप से बहिष्कार करने का फैसला लिया गया है। यही नहीं आचार संहिता के बाद पुल बनाने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई तो वे विधानसभा के साथ पंचायत के चुनावों का भी बहिष्कार करेंगे। पंचायत में श्याम गुर्जर, अजय सरपंच, गांधीराम नंबरदार, अशोक पूर्व सरपंच, जसबीर, बलिंद्र, मेमसिंह, मांगा नंबरदार, नकलीराम आदि मौजूद रहे। उल्लेखनीय है दो अप्रैल को घोड़ो पिपली गांव के ग्रामीणों ने भी चुनाव का बहिष्कार करने के संबंध में पंचायत के लेटरहेड पर लिखकर डीसी को ज्ञापन सौंपा है। विदित हो कि गांव टापू माजरी और गांव घोड़ों पिपली की आबादी 5000 के लगभग है।

सर्वे के बाद बना था 164.50 करोड़ का एस्टीमेट
ग्रामीण श्याम गुर्जर ने बताया कि यमुना नदी के ऊपर पुल बनाने के लिए पीडब्ल्यूडी की तरफ से सेटेलाइट के माध्यम सर्वे किया जा चुका है। साल 2023 में विभाग की तरफ से इस पुल को बनाने में 164.50 करोड़ रुपये की लागत बताई गई है और 1100 मीटर पुल की लंबाई बताई गई है। इसके बावजूद जिम्मेदारों ने इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया है।
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ग्रामीणों ने बताया कि पुल न होने की वजह से गांव का संपर्क भी यमुनानगर शहर से टूटा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि दो साल पहले एक बच्चे की अचानक से तबीयत खराब हो गई थी, लेकिन रास्ता दूर होने के चलते उसे मजबूरी में सहारनपुर ले जाना पड़ा था, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।
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