एसजीपीसी के अधीन प्रदेश के गुरुद्वारों पर कब्जे के प्रयास में जुटी एचएसएमजीसी ने अब उन गुरुद्वारों पर भी नजरें गड़ा दी है, जिनकी प्रबंध लोकल कमेटियों के हाथों में है।
झीवरहेड़ी स्थित गुरुद्वारा नौवी पातशाही गुरुद्वारा एक्ट के सेक्शन 87 के अधीन उन 17 गुरुद्वारों में से एक है, जिस पर लोकल कमेटियां काबिज हैं। इस पर कब्जे के बाद अन्य गुरुद्वारों पर कब्जे की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
गुरुद्वारा एक्ट 1925 के सेक्शन 87 के तहत आने वाले 17 गुरुद्वारों में से सबसे अधिक चार गुरुद्वारे यमुनानगर में हैं। इनमें नौवीं पातशाही झीवरहेड़ी गुरुद्वारा साहिब के अलावा सुढैल, बलाचौर और जगाधरी के हनुमान गेट स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा दसवीं पातशाही शामिल हैं। हनुमान गेट स्थित गुरुद्वारा साहिब में संगत बड़ी संख्या में आती है। यह गुरुद्वारा जगाधरी शहर में बीच स्थित है।
झीवरहेड़ी गुरुद्वारा साहिब का प्रबंध लोकल कमेटी के हाथ में है और जसवंत सिंह कमेटी के प्रधान है। गुरुद्वारा साहिब में तैनात कर्मचारियों की तनख्वाह भी लोकल कमेटी देती है। एचएसजीएमसी समर्थकों द्वारा झीवरहेड़ी गुरुद्वारे पर कब्जे के बाद वहां तनाव की स्थिति बनी हुई है।
गौरतलब है कि एचएसजीएमसी अब तक गुरुद्वारा एक्ट के तहत उन आठ गुरुद्वारों पर कब्जे की बात कहती रही है, जिनका प्रबंध एसजीपीसी के अधीन है।
लोकल कमेटी से कब्जा हटवाए प्रशासन : एसजीपीसी सदस्य
झीवरहेड़ी गुरुद्वारा साहिब पर एचएसजीएमसी के कब्जे के बाद एसजीपीसी के सदस्य बलदेव सिंह कायमपुर डीसी और एसपी से मिलें और गुरुद्वारे पर कब्जे का विरोध जताया। बलदेव सिंह ने डीसी और एसपी के समक्ष कहा कि गुरुद्वारा नौवीं पातशाही झीवरहेड़ी लोकल कमेटी के अधीन है और इसका प्रबंध एसजीपीसी के अधीन नहीं है। इसके बावजूद वहां कमेटी सदस्यों को बाहर कर कब्जा करना कानूनन जुर्म है। बलदेव सिंह ने कहा कि यदि प्रशासन ने वहां से कब्जा नहीं हटवाया तो हमें मजबूर होकर कड़ा कदम उठाना पड़ेगा।
प्रशासन ने कपालमोचन गुरुद्वारे की सुरक्षा पुख्ता की
कुरुक्षेत्र के ऐतिहासिक गुरुद्वारा छठी पातशाही में हुए टकराव और झींवरहेड़ी गुरुद्वारा साहिब पर एसएसजीएमसी के कब्जे के बाद पुलिस प्रशासन ने कपालमोचन स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा दसवीं पातशाही की सुरक्षा पुख्ता कर दी है। बुधवार को अतिरिक्त उपायुक्त सतबीर सिंह सैनी और बिलासपुर डीएसपी अजय राणा, तहसीलदार ईश्वर चंद, थाना बिलासपुर प्रभारी सुभाषचंद्र सहित अन्य अधिकारी शाम सात बजे कपालमोचन पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
कुरुक्षेत्र के ऐतिहासिक गुरुद्वारा छठी पातशाही में कब्जे को लेकर हुए संघर्ष के बाद एसजीपीसी ने इस गुरुद्वारा साहिब की सुरक्षा के लिए कमर कसी हुई है। बताया जा रहा है कि गुरुद्वारे में पंजाब से आए एसजीपीसी की टास्क फोर्स के सदस्य मौजूद हैं।