संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। प्रॉपर्टी बेचने के नाम पर धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने मकान बेचते समय बैंक लोन की जानकारी छिपाई गई। वहीं मकान एसबीआई के पास गिरवी था। थाना सेक्टर-19 पुलिस ने मामले की जांच के बाद आरोपी दंपती समेत तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
पुलिस को दी शिकायत में विशाल नगर निवासी शिव कुमार भगत ने बताया कि उसने 24 अक्तूबर 2008 को करीब 100 वर्ग गज का एक मकान खरीदा था। यह प्रॉपर्टी कमेटी हद में स्थित है।
विक्रेता आरके पुरम कॉलोनी निवासी सुरजीत उर्फ संजय ने खरीद के समय कब्जा सौंप दिया और पुरानी रजिस्ट्री भी ट्रांसफर कर दी। रजिस्ट्री में स्पष्ट रूप से लिखा था कि प्रॉपर्टी हर तरह से पाक-साफ है। यदि कोई कानूनी दावा या नुकसान होता है तो विक्रेता और उसके वारिस जिम्मेदार होंगे।
शिव कुमार ने बताया कि उसने मकान खरीदने के लिए बैंक से लोन लिया। इसका वह पूरा भुगतान कर चुके हैं। इस दौरान उसे पता चला कि अंबेडकर नगर फर्कपुर निवासी विक्रेता राजेश चौधरी और उसकी पत्नी सुषमा देवी ने 2006 में मकान पर 10 लाख रुपये का लोन लिया था। इस लोन के बदले उन्होंने अपनी पुरानी रजिस्ट्री बैंक में गिरवी रखी थी।
उसने आरोप लगाया कि आरोपियों को मकान पर लोन की पूरी जानकारी थी। इससे बाद भी आरोपियों ने बैनामा दस्तावेज में भी प्रॉपर्टी को मुक्त बताया गया था। उसने आरोपियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। जांच पूरी होने बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।