फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Yamuna Nagar News: प्रापर्टी अटैच करने के साथ सातों राइस मिल मालिकों के खाते भी होंगे सीज

Thu, 20 Nov 2025 03:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
विज्ञापन
विज्ञापन
यमुनानगर। 75 करोड़ रुपये के धान घोटाले में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर व अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के डायरेक्टर की ओर से छापा मारने के बाद विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। हालांकि मामले की जांच स्थानीय स्तर पर की जा रही है। वहीं सूत्रों के अनुसार मुख्यालय भी अपने स्तर पर इस पूरे प्रकरण की जांच कर रहा है। उधर, आरोपी राइस मिलर पति व पत्नी की प्रॉपर्टी अटैच करने के साथ उनके बैंक खातों को भी सीज करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
विज्ञापन

दंपती भूमिगत, पुलिस को अब तक नहीं मिला सुराग
उधर, प्रतापनगर, छछरौली व रणजीतपुर की सात राइस मिलों में 75 करोड़ रुपये का गबन करने के आरोपी पति-पत्नी का सुराग अभी तक नहीं मिला हैं। आरोपियों के भूमिगत होने के कारण पुलिस उन तक पहुंच नहीं पा रही। हालांकि पुलिस दोनों से संपर्क करना चाह रही। आरोपी राइस मिलर संदीप सिंगला व उनकी पत्नी रितिका सिंगला के अलावा उनके परिवार के अन्य सदस्यों के मोबाइल भी बंद आ रहे हैं। वहीं, जब से धान का यह घोटाला सामने आया है तब जिले के कई अधिकारियों की नींद उड़ी हुई है। क्योंकि इससे पहले भी धान कुटाई में हेराफेरी होती रही है, लेकिन इतने बड़े स्तर पर कभी ऐसा नहीं हुआ।
वर्जन
हमारी जांच चल रही है। आरोपी दंपती के बैंक खाते सीज करने की प्रक्रिया चल रही है। आरोपियों के फोन बंद है पुलिस लगातार गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है।
विज्ञापन

जतिन मित्तल, जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी।
बाक्स

धान घोटाले का राइस मिलर गिरफ्तार, एक दिन के रिमांड पर

यमुनानगर। धान घोटाले के मामले में आर्थिक अपराध शाखा की टीम ने गांव सबलपुर निवासी राइस मिलर मदन लाल को गिरफ्तार किया। आरोपी को कोर्ट में पेश कर उसे एक दिन के रिमांड पर लिया। शाखा के प्रभारी केवल सिंह ने कहा कि मदनलाल को साढौरा क्षेत्र से पकड़ा है। रिमांड में पूछताछ कर मामले से जुड़ी जानकारी हासिल की जाएगी। धान घोटाले के संबंध में ये आठवीं कार्रवाई है।
सरस्वती नगर स्थित मैसर्स मदन लाल कंपनी के साथ वर्ष 2023-24 के खरीफ विपणन सीजन के दौरान सरस्वती नगर मंडी से खरीदे गए धान की मिलिंग के लिए एजेंसी का समझौता हुआ। राइस मिलर को 10 हजार 497 क्विंटल धान दिया गया था। इसमें से मिलर को 7032.99 क्विंटल धान वितरित करना था। मिलर ने 29 मई 2024 तक एफसीआई को 3849.84 क्विंटल धान के बराबर सीएमआर वितरित किया है। शेष चावल वापस करने के लिए कंपनी व उसके गारंटर को कई बार नोटिस जारी किए गए, पर कोई जवाब नहीं दिया गया। विभाग की ओर से भौतिक सत्यापन कराया गया। इसमें सामने आया कि मैसर्स मदन लाल कंपनी के मिल परिसर में 6608.70 क्विंटल धान कम है। इससे विभाग को एक करोड़ 80 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। तब मामले में थाना छप्पर पुलिस ने मामला दर्ज किया गया।
विज्ञापन

-
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें