यमुनानगर। नौकरी का सब्जबाग दिखाकर युवाओं से लाखों रुपये ठगने वाली कंपनी का खुलासा हुआ है। आरोप है कि भिवानी और करनाल के बाद जगाधरी सेक्टर-17 में भी नौकरी दिलाने का झांसा देकर कई युवाओं को शिकार बनाया गया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने कंपनी के एमडी समेत नौ लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर लिया है।
सोनीपत निवासी पवन कुमार ने सेक्टर-17 थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसने मास्टर स्पेशल एजूकेशन का डिप्लोमा किया है। वह बेरोजगार होने के कारण घर पर था। साल 2020 में उसके दोस्त आशीष ने उसकी मुलाकात सोनीपत के महावीर नगर निवासी मोहित कोटक से करवाई। मोहित ने उसे हेडवे रन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के बारे में बताया। आरोपी ने कहा कि उसने कंपनी के फेसबुक अकाउंट पर स्टॉफ मैनेजमेंट असिस्टेंट के पद की नौकरी का विज्ञापन देखा है, जिसमें तीन दिन की ट्रेनिंग और इंटरव्यू देने की सूचना है। इस पर मोहित ने कहा कि वह उसे कंपनी में नौकरी दिलवा देगा। वहां उसकी करीब 25000 महीना की आमदनी होगी। इसके बाद आरोपी मोहित उसे नौकरी के लिए भिवानी स्थित कंपनी के ऑफिस में ले आया। यहां पर बताया गया कि उसे एक लाख रुपये देने होंगे। इसके बाद उसकी 25 हजार रुपये प्रति महीना सैलरी मिलेगी। मोहित के कहने पर वर्ष 2020 में उसने 50 हजार रुपये कंपनी के भिवानी ऑफिस में जमा करवा दिए, लेकिन रुपये देने के बाद भी उसे नौकरी नहीं मिली तो उसने आरोपी मोहित से बात की। इसके बाद आरोपी कोई न कोई बहाना बनाकर टालते रहे। जब उसे कोई रास्ता न मिला तो उसने अपने स्तर पर जांच की तो सामने आया कि कंपनी भिवानी, करनाल, यमुनानगर बगैरह में दफ्तर खोलकर बेरोजगार युवकों को नौकरी देने का झांसा देकर ठगी करती है। कंपनी के बारे में सोशल मीडिया पर भी इस तरह के वीडियो उपलब्ध मिले।
उसे पता चला कि कंपनी यमुनानगर में भी बेरोजगार युवकों को बड़े सपने दिखाकर ठगी कर रही है। यहां उसे ठगी का शिकार हुए कई युवा भी मिले। इस दौरान कंपनी ने भिवानी निवासी अमन से 50 हजार, कलौदा कलां निवासी कुलदीप सिंह से डेढ़ लाख रुपये, कैथल के गांव करोड़ा निवासी विजय से 50 हजार, रोहतक निवासी सचिन से 50 हजार, कैथल के करोड़ा निवासी गुरमेल से एक लाख रुपये ठगे। उन्होंने उसे बताया कि उन्होंने कंपनी के करनाल ऑफिस में ये रुपये दिए थे। आरोप है कि कंपनी के अधिकारियों ने न तो उन्हें नौकरी दिलाई और न ही उसे रुपये वापस किए। जब उन्होंने कंपनी कार्यालय में आकर रुपये वापस मांगे तो आरोपियों ने उसे धमकाया और जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि कंपनी के कर्मचारियों ने उन्हें धमकाते हुए कहा कि कार्यालय में आए तो जान से मरवा देंगे। इस पर उन्होंने शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने मामले में हेडवे रन प्राइवेट कंपनी लिमिटेड भिवानी के एमडी आनंद राठी, एमडी सतनाम सिंह, सविता, बठिंडा निवासी रणदीप सिंह, मेहमी निवासी विकास, सोनीपत के महावीर निवासी मोहित कोटक, हांसी निवासी गौरव बधावा, जींद निवासी संदीप मलिक, करनाल के अदला बदली निवासी पंकज पर धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
युवाओं को ठगने के लिए बनाए हुए हैं एजेंट-
पवन ने बताया कि कंपनी ने ब्रोप्रोइन नेट के नाम से वेबसाइट बनाई है। जिस पर मनी सरकुलेशन स्कीम के सदस्यों का विवरण लिखा गया है, जो लोग जुड़ना चाहते हैं इसमें लॉगिन कर सकते हैं। शॉपिंग कर सकते हैं और दूसरों को शॉपिंग करा सकते हैं। काम करने के लिए कंपनी ने सोशल मीडिया अलग-अलग शहरों में भोले-भाले बेरोजगार युवकों को ठगने के लिए एजेंट छोड़ रखे हैं। जगाधरी सेक्टर-17 के कार्यालय में उसने देखा कि कंपनी में कई लोगों को नौकरी देने के नाम पर ट्रेनिंग दी जा रही है।
--------------
बुधवार को करनाल में भी हुआ था विवाद, पुलिस ने 17 लोगों के किए थे चालान-
कंपनी द्वारा युवाओं से रोजगार के नाम पर ठगी का मामला बुधवार को करनाल में उछला था। प्रदेश के कुछ युवा करनाल की एनजीओ के साथ वहां स्थित कार्यालय में पहुंच गए थे। तब बढ़े हुए विवाद को पुलिस ने सुलझाया था। विवाद के बाद पुलिस ने दो पक्षों के 17 लोगों के चालान किए थे। पहले पक्ष के सोनीपत निवासी विशाल, जींद निवासी कुलदीप, हिसार निवासी आजाद, यूपी के बस्ती निवासी दीपक, करनाल निवासी गुरकीरत, रोहतक निवासी रोहित, कैथल निवासी गुरमेल व दूसरे पक्ष से जींद निवासी संदीप, सोनीपत निवासी मोहित, बठिंडा निवासी रणदीप, करतारपुर निवासी विकास, जींद निवासी आशु, भिवानी निवासी दीपक, सोनीपत निवासी विशाल, कैथल निवासी सुखदेव, सोनीपत निवासी राहुल व भिवानी निवासी गुरमीत पर कार्रवाई की गई थी।
-------------
वर्जन
इक्नोमिक्स सेल की इंस्पेक्टर सोमवती और जांच अधिकारी एसआई जनक राज ने बताया रिकॉर्ड को कब्जे में लेकर जांच की जाएगी, जो लोग ट्रेनिंग दे रहे हैं और ले रहे हैं, उनको भी जांच में शामिल किया जाएगा। बेरोजगार युवकों को न्याय दिलाया जाएगा। साथ ही ठगी के मामले का भंडाफोड़ कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
--------------
वर्जन
सेक्टर-17 थाना प्रभारी राकेश कुमार का कहना है कि मामले में कंपनी के दो एमडी समेत नौ लोगों पर धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच अब इक्नोमिक्स सेल द्वारा की जा रही है।
फोटो-35, 36 व 37