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Yamuna Nagar News: 145 विद्यार्थियों को पढ़ा रहे 4 अतिथि अध्यापक

Mon, 04 Aug 2025 12:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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राजकीय माध्यमिक विद्यालय मुकारबपुर से छुट्टी के बाद घर लौटते विद्यार्थी। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। खंड छछरौली में राजकीय माध्यमिक विद्यालय मुकारबपुर चार अतिथि अध्यापकों के सहारे चल रहा है। स्कूल में एक भी रेगुलर शिक्षक नहीं है। प्राथमिक विंग और माध्यमिक विंग के 145 विद्यार्थियों को पढ़ाने की जिम्मेदारी चार अतिथि अध्यापकों पर है।
पहले प्राइमरी विंग में रेगुलर जेबीटी राजकुमार कार्यरत थे, लेकिन शिक्षा विभाग ने उन्हें डेपोटेशन पर पीएम श्री राजकीय प्राथमिक पाठशाला भूड़कलां में भेज दिया। भूड़कलां की प्राथमिक पाठशाला अंग्रेजी माध्यम है, इसके बावजूद हिंदी माध्यम के शिक्षक को डेपोटेशन पर वहां भेज दिया गया। रेगुलर शिक्षक न होने से मुकारबपुर के स्कूल में शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। विद्यार्थियों व शिक्षकों की इस समस्या की तरफ शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं है।
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राजकीय माध्यमिक विद्यालय मुकारबपुर में प्राथमिक विंग में 90 व माध्यमिक विंग में 55 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। इन बच्चों को पढ़ाने के लिए दोनों विंग में केवल दो-दो अतिथि अध्यापक हैं। रेगुलर शिक्षक न होने से काम का सारा बोझ अतिथि अध्यापकों पर आ गया है। सबसे ज्यादा दिक्कत कार्यालय का कार्य संभालने में आ रही है, क्योंकि शिक्षा विभाग के अधिकारी समय-समय पर स्कूलों से कोई न कोई जानकारी मांग लेते हैं।
ऐसे में अतिथि अध्यापकों को बच्चों की पढ़ाई छोड़ कर कार्यालय का रिकॉर्ड खंगालने में लगना पड़ता है। कई बार तो रिकॉर्ड कई साल पुराना होता है जिसे देखने में ही घंटों लग जाते हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत तब आती है जब आरटीआई आदि का जवाब देना होता है, क्योंकि पता नहीं आवेदक कितने साल पुरानी कोई सूचना मांग ले। ऐसे में इसमें कोई गलत जानकारी भी नहीं दी जा सकती और रिकॉर्ड को देखना पड़ता है।
कई विषय विशेषज्ञ शिक्षक भी नहीं
मुकारबपुर के राजकीय माध्यमिक विंग में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की भी कमी है। स्कूल में संस्कृत, हिंदी, ड्राइंग विषयों के शिक्षक ही नहीं है। यहां तक की माध्यमिक विंग में हेड टीचर भी नहीं है। जिससे बच्चों की पढ़ाई ठीक से नहीं हो रही। अतिथि अध्यापकों को ही उन्हें दूसरे विषय पढ़ाने पड़ रहे हैं। शिक्षकों की कमी से एफएलएन कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। इसके अलावा स्कूल के शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्य भी करवाए जा रहे हैं, जिसमें बीएलओ का काम भी है।
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मॉडल स्कूल होने के कारण जेबीटी को वहां भेजा गया था। मुकारबपुर के स्कूल के साथ एक एलीमेंटरी हेडमास्टर को अटैच किया हुआ है। अब तो अतिथि अध्यापक भी रेगुलर के समान ही हैं, क्योंकि उन्हें सभी सुविधाएं दी जा रही हैं। - अशोक धीमान, बीईओ छछरौली।
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