यमुनानगर। राष्ट्रीय आदि धर्म संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मपाल ने बताया कि शुक्रवार को 21 अघोरी संत महात्माओं को प्रयागराज के लिए रवाना किया गया।
अघोरी समाज के प्रार्थना, स्नान व महाकुंभ में आहुतियां डालकर संसार के लिए प्रार्थना करेंगे। अघोरी कालिदास ने बताया कि 144 साल बाद ऐसा महायोग बना है जिसमें स्नान मात्र से मनुष्य के सारे जन्म जन्मांतर के कष्ट दूर होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है। प्रयागराज में आयोजित होने वाले महाकुंभ की महता के बारे में बताया कि जब समुद्र मंथन हुआ तो देवता और दानवों में विवाद हो गया था।
देव कहने लगे ये अमृत हम लेंगे और दानव भी अपना अधिकार जमाने लगे थे। तब देव अमृत लेकर चले तो चार बूंदे उज्जैन, प्रयागराज, नासिक व हरिद्वार में गिर गई जिससे इस स्थान की पवित्र धारा बन गई। संवादय