संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने शादी का झांसा देकर नवीं कक्षा की छात्रा का अपहरण कर दुष्कर्म करने के दोषी पानीपत के हरिनगर कॉलोनी निवासी संदीप को 20 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 35 हजार जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न देने पर नौ महीने की अतिरिक्त सजा भुगतने का प्रावधान है। अदालत ने शुक्रवार को संदीप को दोषी करार दिया था।
आरोपी दूर की रिश्तेदारी में पीड़िता का मामा लगता है। दुष्कर्म के समय आरोपी चांदपुर में किराए पर रहता था। रिश्तेदारी में होने के कारण आरोपी का उनके घर आना जाना था। जब कोर्ट ने दोषी को सजा सुनाई तो उसने बच्चों की परवरिश का हवाला देते हुए कोर्ट से रहम की अपील की, जिसे कोर्ट ने सिरे से नकार दिया। कोर्ट ने कहा कि महिलाओं के प्रति बढ़ रहे अपराधों को देखते हुए दोषी को सख्त सजा देकर ही समाज को सही संदेश दिया जा सकता है।
गांधी नगर थाना पुलिस को एक कॉलोनी निवासी महिला ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उसकी भांजी की 15 साल की बेटी उनके पास पांच जून 2019 को छुट्टियां बिताने के लिए घर आई थी। वह 16 जून को सुबह करीब साढ़े 11 बजे बाजार में सामान लेने के लिए गई थी। जब वह वापस आई तो उसकी भांजी की बेटी घर से गायब थी। तलाश करने पर भी उसका पता नहीं चला। इसी दौरान पता चला कि उसे चांदपुर में किराये पर रहने वाले पानीपत निवासी संदीप उर्फ संटू शादी का झांसा देकर ले गया है।
पुलिस ने तब उसके अगवा करने का 19 जून 2019 को केस दर्ज कर लिया था। पुलिस ने जांच करते हुए 22 जून 2019 को लड़की को दामला के पास से आरोपी संदीप उर्फ संटू के पास से बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। तब पुलिस ने लड़की का मेडिकल कराया था। इसमें उसके साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले में दुष्कर्म की धारा भी जोड़ दी। आरोपी दूर की रिश्तेदारी में पीड़िता का मामा लगता था। संदीप को कोर्ट ने शुक्रवार को दोषी करार दिया था।