हॎईटेंशन का दर्द:
11 केवी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से 13 साल का मासूम जिंदा जला
आवाज सुनकर परिजन छत पर गए तो शरीर से लपटें निकलती दिखाई दी।
-मौके पर ही मौत, 12 दिन बाद परिवार में थी शादी।
लोहे के पाइप से छत पर खेल रहा था, अचानक तारों से छू गया।
रादौर
गांव भागु माजरा में बुधवार देर शाम को एक 13 साल का बच्चा बिजली की 11 केवी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया। वह घर में पर्दा लगाने के काम आने वाले पाइप के साथ छत पर खेल रहा था। इसी दौरान लोहे का यह पाइप छत के पास से गुजर रही 11 केवी लाइन से टकरा गया। पाइप तारों से छूते ही तेज धमाका हुआ और बच्चे करंट का झटका लगा। हाईटेंशन लाइन में दौड़ते करंट से बच्चे के शरीर में आग लग गई और जलने लगा। धमाके की आवाज सुनकर परिजन छत पर पहुंचे तो बच्चे के शरीर से धुआं उठता दिखाई दिया। परिजन जब तक संभालते तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। अज्ञानता वश परिजनों ने हादसे के बारे में पुलिस को सूचना नहीं दी और गुरुवार सुबह बच्चे का अंतिम संस्कार कर दिया। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है और ग्रामीणों ने बिजली निगम से मांग की है कि जिन घरों के पास से हाईटेंशन लाइन हैं, उन्हें शिफ्ट किया जाएं ताकि दोबारा से ऐसा हादसा न हो सकें।
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खेल-खेल में गई मासूम की जान
गांव के सरपंच गुलजार सिंह नंबरदार ने बताया कि उसके चाचा नरेंद्र सिंह का लड़का हितेश गांव हाफिजपुर में एक निजी स्कूल में पढ़ता था। वह अपने पिता का इकलौता बेटा था। बुधवार की रात वह छत पर एक अन्य बच्चे के साथ खेल रहा था। उसके हाथ में लोहे का पाइप था। दोनों बच्चे खेलते-खेलते पाइप को घुमाने लगे तो वह पाइप हाईटेंशन लाइन को छू गया। संयोग से दूसरा बच्चा कुछ दूरी पर खड़ा था। अगर उसने भी पाइप को पकड़ रखा होता तो दूसरे बच्चे के साथ भी अनहोनी हो सकती थी।
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पूरा शरीर झुलस गया
उन्होंने बताया कि जिस वक्त लोहे का पाइप हाईटेंशन लाइन से लोहे का पाइप टकराया। उस समय तेज धमाका हुआ और बच्चे के शरीर ने आग पकड़ ली। दूसरा बच्चा दौड़ते हुए नीचे आया और वह इतना घबरा गया था कि वह कुछ भी सही से नहीं बता पाया। जिस पर परिजन छत पर पहुंचे तो उन्हें हितेश बुरी हालत में झुलसी हालत में पड़े पाया। उसका शरीर पूरी तरह से जला हुआ था।
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12 दिन बाद है परिवार में शादी
हितेश के परिवार में 11 और 12 मार्च को चचेरे भाई-बहन की शादी है। जिसके चलते परिवार के सदस्य शादी की तैयारियों में जुटे हुए थे, लेकिन किसे पता था कि शादी से पहले ही इतना बड़ा हादसा हो जाएगा। वहीं हादसे के बाद अज्ञानता वश परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम भी नहीं करवाया और सुबह दाह संस्कार कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में बिजली निगम के अधिकारियों से मुलाकात कर हाईटेंशन की लाइन को घरों के आसपास से शिफ्ट करवाने की मांग की जाएगी।
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पिता अस्पताल में भर्ती है
मृतक हितेश का पिता नरेन्द्र सिंह एक गंभीर बीमारी से पीड़ित है और इस समय पंचकूला के ऑलकेमिस्ट अस्पताल में अपना इलाज करवा रहा है। उसकी स्थिति भी गंभीर है। जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
वर्जन
-मुझे इस हादसे की जानकारी नहीं है। ग्रामीणों की तरफ से लाइन शिफ्टिंग बारे कोई शिकायत मिलती है तो उस पर विभागीय स्तर पर विचार किया जाएगा। फिलहाल किसी भी लाइन को शिफ्ट करने की योजना नहीं है।-बलवान सिंह, एसडीओ, बिजली निगम
फोटो नंबर 13